September 12, 2026

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BRICS Summit 2026: आज दुनिया देखेगी भारत का दम, पुतिन-जिनपिंग समेत कई दिग्गज एक मंच पर

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आज से आधिकारिक आगाज हो रहा है. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। 

सबसे अहम मुलाकात शाम 5:45 बजे भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होगी. चीनी राष्ट्रपति भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. इससे पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई नेताओं से शुक्रवार को मुलाकात की थी। 

जिनपिंग-मोदी की मुलाकात से पहले चीन का बड़ा बयान

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. उनके दिल्ली पहुंचने से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. चीन ने कहा है कि 'दोनों देशों को अपने मतभेदों को सही तरीके से संभालते हुए अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह आगे बढ़ना चाहिए'. साथ ही बातचीत बढ़ाने पर जोर दिया गया है. पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात से ठीक पहले आए इस बयान ने सबका ध्यान खींचा है। 

भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाना चाहता है. इसके लिए बातचीत बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने की जरूरत है. चीन की तरफ से दोनों देशों को अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की कामयाबी में मदद करने वाले साझेदार के तौर पर आगे बढ़ने की बात कही गई है। 

चीन ने मतभेदों को लेकर क्या कहा?

शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चीन दोनों नेताओं की रणनीतिक सोच के मुताबिक भारत के साथ काम करेगा. उनका जोर इस बात पर रहा कि दोनों देश एक-दूसरे से संवाद बढ़ाएं. सहयोग के नए रास्ते तलाशें. साथ ही जो मतभेद हैं, उन्हें सही तरीके से संभाला जाए. सीधी भाषा में समझें तो चीन का संदेश है कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर असहमति हो सकती है, लेकिन इसकी वजह से बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए. बीजिंग चाहता है कि रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से देखा जाए। 

विदेश मंत्रालय ने भी दिया यही संदेश
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी भारत को लेकर इसी तरह की बात कही है. उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ संवाद बढ़ाने के लिए तैयार है. दोनों देशों को अपने रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए से देखना चाहिए. माओ निंग ने भी मतभेदों को सही तरीके से संभालने पर जोर दिया. उन्होंने भारत और चीन को अच्छे पड़ोसी बताया. साथ ही दोनों देशों को एक-दूसरे की कामयाबी में मदद करने वाला साझेदार बताया। 

सात साल बाद भारत आ रहे हैं जिनपिंग
शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे. वह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं. इस दौरान नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत भी होगी. करीब सात साल बाद जिनपिंग का भारत दौरा हो रहा है. इससे पहले वह 2019 में चेन्नई के पास महाबलीपुरम में मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक के लिए भारत आए थे। 

ऐसे समय में होने वाली यह मुलाकात अहम है, जब भारत-चीन रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं. दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े सवाल भी लंबे समय से बातचीत का हिस्सा रहे हैं. हाल के समय में दोनों तरफ से बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश हुई है। 

BRICS में भी रिश्तों पर नजर
जिनपिंग का भारत दौरा सिर्फ पीएम मोदी के साथ मुलाकात तक सीमित नहीं है. वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. बता दें कि भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा। 

चीन ने ब्रिक्स को लेकर भी बातचीत और सहयोग पर जोर दिया है. माओ निंग ने कहा कि बीजिंग ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए काम करना चाहता है. उनका कहना है कि ब्रिक्स उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के लिए एक अहम मंच बन चुका है. जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले चीन के इन बयानों ने मोदी-जिनपिंग मुलाकात की अहमियत बढ़ा दी है. अब दोनों नेताओं की बातचीत में रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए किन मुद्दों पर बात होती है, इस पर नजर रहेगी। 
 

पहले दिन कब क्या होगा:-

    सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मुलाकात. 
    सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री की वियतनाम के नेता ले मिन्ह हंग के साथ बैठक होगी.
    इसी समय राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बैठक.
    BRICS शिखर सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम के तहत दोपहर 2 बजे BRICS सदस्य देशों के नेताओं का भारत मंडपम के लेवल 2 पर आगमन होगा. दोपहर 2:35 बजे समिट हॉल में “Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism” विषय पर बंद सत्र होगा.
    शाम 4:25 बजे नेता भारत मंडपम के हॉल 14 में 'Bharat Innovates Exhibition' का अवलोकन करेंगे. शाम 5:05 बजे भारत मंडपम के बाहर लॉन में फैमिली फोटो होगी और 5:10 बजे संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम होगा.
    शाम 5:45 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भारत मंडपम में होगी.
    रात 7:30 बजे प्रधानमंत्री की मेजबानी में भारत मंडपम के लेवल 3 पर गाला डिनर आयोजित किया जाएगा.

ट्रैफिक को लेकर ये एडवाइजरी
ब्रिक्स समिट के चलते दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. शनिवार को सुबह 9:30 बजे से रात 9:30 बजे तक भारत मंडपम समेत लुटियंस दिल्ली और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रित और डायवर्ट रहेगा. ट्रैफिक एडवाइजरी मैप में सेंट्रल दिल्ली और आसपास के इलाकों में कंट्रोल्ड सड़कें, प्रतिबंधित इलाके, वैकल्पिक रास्ते और डायवर्जन पॉइंट दिखाए गए हैं। 

एडवाइजरी मैप में वैकल्पिक रास्तों को नीले रंग से, कंट्रोल्ड सड़कों को नारंगी रंग से, प्रतिबंधित इलाकों को बैंगनी रंग से और डायवर्जन पॉइंट को लाल स्टार से दिखाया गया है. इससे पता चलता है कि समिट के दौरान किन रास्तों पर लोगों को पाबंदियों या डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। 
 

शिखर सम्मेलन पर मौसम का साया
BRICS शिखर सम्मेलन के दिन कई राज्यों में भारी से बारिश की चेतावनी जारी की गई है. दिल्ली-NCR (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में अगले दो दिनों तक तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।