नई दिल्ली
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को लेकर निवेशकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। प्राइस बैंड सामने आने के बाद अब NSE IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर भी बाजार की नजर है। उपलब्ध ग्रे मार्केट आंकड़ों के मुताबिक NSE के शेयर करीब ₹207 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। अगर ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड में मौजूदा GMP को जोड़ा जाए, तो अनुमानित कीमत करीब ₹1,992 बैठती है। यानी ग्रे मार्केट संकेतों के आधार पर शेयर करीब 11.60 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और यह NSE की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
पिछले 10 सेशन के दौरान NSE IPO के GMP में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस अवधि में प्रीमियम करीब ₹192 के निचले स्तर से बढ़कर ₹310 तक पहुंचा था। मौजूदा ₹207 का GMP इस ऊपरी स्तर से काफी नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि ग्रे मार्केट में शुरुआती उत्साह कुछ कम हुआ है। ऐसे में निवेशकों के लिए सिर्फ GMP के आधार पर IPO में पैसा लगाना उचित नहीं होगा। कंपनी की वैल्यूएशन, कारोबार, बाजार की स्थिति और IPO की कीमत को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पात्र निवेशकों के लिए इश्यू 16 सितंबर 2026 से खुलेगा, जबकि अन्य निवेशकों के लिए बोली 17 सितंबर से शुरू होगी। IPO 21 सितंबर को बंद होगा। अपर प्राइस बैंड पर इश्यू का टोटल साइज करीब ₹22,561.57 करोड़ तक हो सकता है। यह IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale) है। इसका मतलब है कि NSE को इस इश्यू से नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
निवेशक न्यूनतम 8 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसके बाद 8 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। इस OFS में SBI (State Bank of India) सबसे बड़ा शेयर बेचने वाला निवेशक है, जो करीब 1.60 करोड़ शेयर ऑफर करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (Canada Pension Plan Investment Board) और अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (Aranda Investments) भी बड़ी हिस्सेदारी बेचने वालों में शामिल हैं। दूसरी ओर NSE में 10.72 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली LIC इस OFS में अपने शेयर नहीं बेच रही है।
RHP के मुताबिक NSE का कोई पहचान योग्य प्रमोटर नहीं है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट दी जाएगी। NSE के शेयर BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट होंगे। ऐसे में IPO की कीमत और GMP दोनों ही निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।

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