लखीमपुर
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आज यानी कि शनिवार को बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण करेंगे. साथ ही 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी करेंगे. इस बात की जानकारी मुख्यमंत्री के एक्स पर पोस्ट करके दी गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्स से किए गए पोस्ट में कहा गया है कि लखीमपुर खीरी की पावन धरती पर आज अधिकार, विकास और अपने पक्के आवास का स्वप्न एक साथ साकार होंगे. बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र का वितरण एवं 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा.
साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबियां भी प्रदान की जाएंगी. ये सभी कार्य डबल इंजन सरकार के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सम्मान और सुविधा पहुंचाने के संकल्प का प्रतीक हैं.
आजादी के बाद से इन परिवारों को नहीं मिली थी जमीन
आजादी के बाद से अब तक बांग्लादेश से आए हिंदू परिवारों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिला था. लखीमपुर खीरी, धौरहरा और मोहम्मदी में 417 करोड़ की 213 पर 8 योजनाओं का सीएम लोकार्पण, शिलान्यास करेंगे. चंदन चौकी पलिया में सीएम थारू जनजाति के 4556 परिवारों को भौमिक अधिकार पत्तों का आवंटन करेंगे. साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला में 817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे.
पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को भी मिलेगी जमीन
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी. जिसके तहत विभाजन के समय पाकिस्तान से विस्थापित होकर राज्य के चार ज़िलों में बसे 12000 से ज़्यादा परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक दिया जाएगा.
योग्य परिवारों को एक एकड़ तक की ज़मीन पर मालिकाना हक मिलेगा, बशर्ते कि वह ज़मीन सीलिंग सीमा के अंदर न हो और खलिहान, चरागाह या तालाब जैसी श्रेणियों में न आती हो. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि यह फ़ैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया. खन्ना ने कहा कि कैबिनेट ने 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (द्वितीय संशोधन) 2026' के तहत 'उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006' में संशोधनों को मंज़ूरी दे दी है.
खन्ना ने बताया कि इस संशोधन के तहत इन परिवारों को ज़मीन का मालिकाना हक देने के लिए धारा 76(1) में नए प्रावधान जोड़े गए हैं. मंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान पलायन करके पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर ज़िलों में बसे 12,380 परिवारों को इस कदम से फ़ायदा होगा. खन्ना के अनुसार लाभार्थियों में वे लोग शामिल हैं जो 'नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019' के तहत भारतीय नागरिकता के योग्य हैं, साथ ही अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े परिवार या विभिन्न योजनाओं के तहत पुनर्वासित किए गए परिवार भी इसमें शामिल हैं.
इस प्रकार है पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों की आबादी
ज़िलावार ब्योरा देते हुए मंत्री ने बताया कि लखीमपुर खीरी में ऐसे 2,350 परिवार हैं, पीलीभीत में 4,000, बिजनौर में 3,856 और रामपुर में 2,174 परिवार हैं.
उन्होंने कहा कि ये परिवार, जो लगभग 70 वर्षों से राज्य में रह रहे हैं, ज़मीन का मालिकाना हक न होने के कारण काफ़ी मुश्किलों का सामना कर रहे थे; इनमें खेती के लिए बैंक से कर्ज़ लेने और सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने में आने वाली दिक्कतें भी शामिल थीं.

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