बालाघाट
एमपी की बालाघाट पुलिस ने तेंदूपत्ता सीजन में नक्सलियों के फंडिंग रोकने के लिए विशेष प्लान बनाया है. अब ठेकेदार पुलिस को सूचना दिए बगैर जंगल में कैश और वाहन नहीं ले जा सकेंगे.
दरअसल, बालाघाट जिले में इस बार 21 ठेकेदार और 58 से अधिक तेंदूपत्ता समितियां काम करेंगी. करीब 720 फड़ों में तुड़ाई और संग्रहण का काम होगा. पुलिस ने 250 तेंदूपत्ता फड़ को नक्सल प्रभावित संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया है. नक्सली तेंदूपत्ता के सीजन में अवैध वसूली करते हैं. लेकिन इस पर अंकुश लगाने के लिए बालाघाट पुलिस-प्रशासन ने 2026 नक्सली सफाए अभियान के अंतर्गत विशेष कार्य योजना बनाई है.
बता दें कि जिले के दक्षिण और उत्तर सामान्य वनमंडल में तेंदूपत्ता तुड़ाई और संग्रहण का काम होता है. इस काम से स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों को रोजगार मिलता है. शासन के निर्देश पर मजदूरों को बोनस भी दिया जाता है. बालाघाट का तेंदूपत्ता अच्छी क्वालिटी का होने से महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के ठेकेदार वहां आते हैं.

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