बुरहानपुर
शहर के शिकारपुरा थाना क्षेत्र में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के बहुचर्चित मामले में विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट ने आरोपित गौरव उर्फ खुशाला को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने घटना के 13 माह में अपना फैसला सुनाया है। इसके साथ ही आरोपित पर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि आरोपित को शेष जीवन काल के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को चिन्हित प्रकरणों की सूची में रखा था।
विशेष लोक अभियोजक रामलाल रंधावे ने बताया कि दुष्कर्म और हत्या का यह जघन्य अपराध 18 मई 2024 को अंजाम दिया गया था। मृत बच्ची की मां ने शिकारपुरा थाने में शिकायत दर्ज कर बताया था कि बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र गई थी। वहां से घर लौटने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे घर के बाहर खेलने गई और वापस नहीं लौटी।
पहले पुलिस को बच्ची के अपहरण की आशंका हुई, लेकिन किसी भी सीसीटीवी कैमरे में उसके नजर नहीं आने पर उसके साथ अनहोनी की आशंका में मोहल्ले में तलाश शुरू की गई। बीस मई को उसके घर के पीछे स्थित खंडहर मकान से बच्ची का शव बरामद किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित गौरव बच्ची को अपने साथ घर ले गया और दुष्कर्म के बाद बचने के लिए रस्सी से उसका गला घोंट कर खंडहर में फेंक दिया था। इस घटना को लेकर शहर में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया था।

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