भोपाल
महिला सशक्तिकरण के लिए एक ओर शिवराज सरकार लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना के माध्यम से बेटियों और महिलाओं को सशक्त बनाने का काम कर रही है। साथ ही महिलाओं और बेटियों के हित में कई अन्य योजनाएं और कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर महिला और बाल विकास विभाग के अधिकारी लाड़ली बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा तय डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के काम में रुचि नहीं ले रहे हैं।
आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप पर एक्शन के मामले में की गई लापरवाही के मामले में महिला और बाल विकास विभाग ने 30 जिलों को जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र लिखकर इस मामले में कार्यवाही के लिए कहा है। इसमें कहा गया है कि महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण के अंतर्गत अंतर्विभागीय समूह द्वारा लाड़ली बालिकाओं को वित्तीय और डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण देने के लिए निर्णय लिया गया था। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरे करने के लिए निर्देशित किया गया था लेकिन 15 मार्च तक की स्थिति में मात्र 71910 को ही प्रशिक्षण दिया गया है जबकि प्रदेश में 3 लाख से अधिक बालिकाएं अध्ययनरत हैं।
इन जिलों की लापरवाही आई सामने
जिन जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी इस मामले में लापरवाह निकले हैं, उनमें रायसेन, राजगढ़, भिंड, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, नर्मदापुरम, अलीराजपुर, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा जिले शामिल हैं। इसके साथ ही नरसिंहपुर, सिवनी, सतना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, उमरिया, नीमच, शिवपुरी, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, डिंडोरी, मंडला, सीधी, छतरपुर, पन्ना, मंदसौर और उज्जैन के जिला कार्यक्रम अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण देने में रुचि नहीं ली है।

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