बिलासपुर
बिलासपुर जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर दो बड़े मामले सामने आए हैं। सकरी क्षेत्र के भरनी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए प्रार्थना भवन को सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। यहां पहले मतांतरण के प्रयास का आरोप लगा था। वहीं, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण का प्रयास होने पर हंगामा खड़ा हो गया और पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया।
सुर्खियों में आया था प्रार्थना भवन
प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बना यह प्रार्थना भवन पिछले माह तब सुर्खियों में आया था जब यहां मतांतरण का आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों और संगठनों का कहना था कि भवन के भीतर कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और मतांतरण रोकने की मांग की गई थी।
शिकायत पर राजस्व विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया और भूमि दस्तावेज मांगे, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। जांच में भूमि शासकीय साबित होने पर सोमवार को प्रशासन ने बैकहो लोडर चलवाकर अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार सकरी, सीएसपी और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
पास्टर सहित तीन महिलाएं गिरफ्तार
इधर, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में भी प्रार्थना सभा के दौरान मतांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। सूचना पर विभिन्न संगठन मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। आरोप है कि सभा में धार्मिक ग्रंथ और सामग्री के माध्यम से लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर तीन महिलाओं, जिनमें एक पास्टर भी शामिल है, को गिरफ्तार किया।

More Stories
Sachin Tendulkar बदलेंगे Bastar की पहचान, ‘मैदान कप’ में हजारों बच्चे दिखाएंगे दम
Raipur के 19 प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री बैन, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय