रायपुर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विवादित बयान के मामले में TMC सांसद महुआ मोइत्रा फंस गई हैं, जहां उन पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 197 के तहत माना कैंप पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। उनकी टिप्पणी से छत्तीसगढ़ में विरोध तेज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे विपक्ष की दूषित मानसिकता का परिचायक बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर की गई टिप्पणी नहीं, बल्कि पूरे देश की गरिमा और राष्ट्रीय चेतना पर हमला है। न केवल यह आपत्तिजनक है, बल्कि यह गंभीर आपराधिक कृत्य है।
गृहमंत्री देश की सुरक्षा और एकता के सर्वोच्च प्रहरी हैं और उन पर इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी वास्तव में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान है। विपक्ष किस प्रकार राजनीति में निम्न स्तर तक गिर चुका है और किस प्रकार व्यक्तिगत आक्षेपों के माध्यम से लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा को लगातार ठेस पहुंचाई जा रही है।
टूलकिट एजेंडे पर अमल कर रहा विपक्ष
भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पांडेय ने भी इसे गंभीर अपराध मानते हुए, विपक्ष पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश में अराजकता फैलाने के अपने टूलकिट एजेंडे पर अमल कर रहे हैं। बिहार में राहुल गांधी की सभा के मंच से प्रधानमंत्री व उनकी स्वर्गस्थ माताजी के लिए अश्लील टिप्पणी के बाद टीएमसी सांसद मोइत्रा ने यह कहकर विपक्ष की कलुषित मानसिकता का परिचय दिया है।
एफआइआर दर्ज करने सौंपा ज्ञापन
रायपुर में गोपाल सावनेर, गोपाल सामंतो और अंजना गाइन ने पुलिस अधीक्षक के नाम माना पुलिस थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपकर टीएमसी सांसद मोइत्रा के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इसे देशद्रोह की संज्ञा देते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत की जांच शुरू कर दी है।

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