भोपाल
बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश और उससे लगे ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश के सिवनी से होकर गुजर रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश में रविवार से रुक-रुककर मध्यम स्तर की बारिश का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं।
विशेषकर भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर एवं इंदौर संभाग के जिलों में झमाझम बारिश हो सकती है। उधर शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक पचमढ़ी में 10, मंडला में पांच, सिवनी में दो, छिंदवाड़ा में एक, नर्मदापुरम में 0.8 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट एवं दक्षिणी ओडिशा के तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।
मध्य प्रदेश के 16 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर और खंडवा में आज तेज बारिश हो सकती है।
यहां बना हुआ है चक्रवात
मानसून द्रोणिका श्री गंगानगर, रोहतक, सिवनी, राजनांदगांव से कम दबाव के क्षेत्र तक बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिमी बिहार और उससे लगे झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। एक द्रोणिका कम दबाव के क्षेत्र से लेकर दक्षिणी महाराष्ट्र तक बनी हुई है, जो छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होकर जा रही है।
उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से रविवार से प्रदेश में कई जिलों में बारिश को सिलसिला शुरू होने की संभावना है। कम दबाव के क्षेत्र के सोमवार तक छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ने के भी आसार हैं। इस वजह से बारिश का सिलसिला तीन-चार दिनों तक बना रह सकता है।

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