भोपाल.
मध्य प्रदेश में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव है। इसके पहले प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के ट्रांसफर का प्लान बन गया है। प्रदेश सरकार 25 अप्रैल से 25 मई तक एक महीने के लिए ट्रांसफर पर लगा प्रतिबंध हटा सकती है। प्रदेश सरकार ने नई ट्रांसफर नीति तैयार कर ली है। इसे शिवराज कैबिनेट में मंजूरी के बाद लागू कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार इस माह होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल जाएगी। ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने को लेकर मंत्री और विधायकों का सरकार पर दबाव है। बता दें पिछली साल 17 सितंबर से 5 अक्टूबर तक ट्रांसफर हुए थे, जबकि 2021 से 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच ट्रांसफर पर से बैन हटाया गया था। बता दें कि पिछले साल 17 सितंबर से 5 अक्टूबर तब तबादले हुए थे, जबकि 2021 में 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच तबादलों पर से बैन हटाया गया था।
30 से 35 हजार कर्मचारी होंगे इधर से उधर
प्रदेश में 30 से 35 हजार अधिकारी-कर्मचारियों के ट्रांसफर होंगे। नई प्रस्तावित नीति के अनुसार विभाग प्रमुख प्रथम श्रेणी अधिकारियों के ट्रांसफर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद होगा। वहीं, विभागों में पदस्थ प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के ट्रांसफर विभागीय मंत्री के अनुमोदन के बाद एसीसी, पीएस या सेक्रेटरी जारी करेंगे। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ट्रांसफर आदेश प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से जिला अधिकारी जारी करेंगे।
इन विभागों में होंगे ज्यादा ट्रांसफर
प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा, राजस्व, वन और स्कूल शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा ट्रांसफर हो सकेंगे। इसके अलावा अन्य विभाग में भी ट्रांसफर हो सकेंगे।

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