मकर संक्रांति हिंदू धर्म का बड़ा ही पावन और शुभ पर्व माना जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, जब भी भगवान सूर्य किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस राशि के नाम से संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. मकर राशि में जब सूर्य देव का प्रवेश होता है, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है. इसे देश भर में अलग-अलग नामों से जाना जाता है.
मकर संक्रांति का पर्व उत्तर दिशा की ओर सूर्य की यात्रा की शुरुआत करता है. ये पर्व हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है. सूर्य देव की पूजा-उपासना की जाती है. फिर क्षमतानुसार दान कियाा जाता है. इस दिन खिचड़ी खाने की परंपरा भी है. मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग भी उड़ाई जाती है. इस दिन सूर्य दोष और पितृ दोष को शांत करने के लिए भी कुछ विशेष काम किए जाते हैं.
मकर संक्रांति साल 2026 में कब है?
साल 2026 में सूर्य देव 14 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसलिए नए साल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन स्नान-दान का शुभ समय 03 बजकर 13 मिनट से शाम को 05 बजकर 45 मिनट तक रहने वाला है.
मकर संक्रांति पर करें ये काम दूर होगा सूर्य दोष
मकर संक्रांति पर सूर्य दोष शांत करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.
इसके बाद सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें.
सूर्य को अर्घ्य देते समय जल में थोड़ा गुड़ और लाल चंदन जरूर मिलाएं.
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें.
मकर संक्रांति पर करें ये काम दूर होगा पृत दोष
मकर संक्रांति के दिन पितृ दोष शांत करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें.
इसके बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे में जल, तिल और लाल फूल डालकर अर्घ्य दें.
फिर पितरों का स्मरण करते हुए तिल, गुड़, चावल और वस्त्र का दान करें.
साथ ही गाय, कुत्ते या कौवों को भोजन कराना चाहिए. पितरों के नाम से तिल-तर्पण करें.
ॐ पितृदेवाय नमः का जाप करें.
शाम को दीपदान करें.

More Stories
17 फरवरी को वलयाकार सूर्य ग्रहण, जानें कौन सी राशि पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
मंगल दोष से हैं परेशान? आज ही अपनाएं ये आसान उपाय, मिलेगा तुरंत समाधान
Mahashivratri 2026 Rashifal: महाशिवरात्रि के बाद बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन राशियों को मिलेगा धनलाभ