भोपाल
मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों को बीते दिनों हाईकोर्ट की ओर से बड़ी राहत दी गई है। कोर्ट ने प्रोबेशन पीरियड में काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन कटौती को अवैध बताया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि जिन कर्मचारियों के वेतन काटे गए हैं। उन्हें एरियर्स समेत पूरी राशि लौटाई जाए। सरकार के द्वारा कर्मचारियों को करीब 400 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा।
कमलनाथ सरकार ने लागू किया था नियम
दरअसल, साल 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने नियम लागू किया था कि नई भर्तियों के तहत कर्मचारियों को प्रोबशेन पीरियड के दौरान 70%, 80% और 90% वेतन दिया जा रहा था। इस फैसले के खिलाफ कर्मचारियों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इधर, मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि सरकार विचार कर रही है कि हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देना है या कर्मचारियों का एरियर वापस लौटाना है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा लिया जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा 400 करोड़ रुपए का लाभ
अगर फैसला कर्मचारियों के हित में जाता है तो दिसंबर 2019 से दिसंबर 2025 तक 90 हजार से अधिक कर्मचारियों को करीब 400 करोड़ रुपए का लाभ पहुंचेगा।
कोर्ट ने एरियर भुगतान के निर्देश
हाईकोर्ट के द्वारा राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों का वेतन अवैध नियम के तहत काटा गया है। उन्हें पूरी राशि का भुगतान एरियर के रूप में लौटाया जाए। अगर कोर्ट के फैसले को सरकार चुनौती नहीं देती तो कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतनमान के हिसाब से राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
इस पर तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि लोक सेवा आयोग के कर्मचारियों पर ये नियम लागू नहीं था, कर्मचारी चयन आयोग से भर्ती कर्मचारियों पर ये आदेश लागू किया था। इस आदेश के चलते तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान था। अगर पूरे सेवाकाल को जोड़ा जाए तो एक कर्मचारी को करीब 15-20 लाख रुपये नुकसान है।

More Stories
योगी सरकार का नकली दवा माफिया पर सबसे बड़ा प्रहार, आगरा में जालसाज सिंडिकेट की कमर टूटी
योगी सरकार में पर्यावरणीय बदलाव की नई इबारत, जल से जंगल तक विकास की नई पहचान
ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन में नीरू ढांडा ने जीता स्वर्ण, एमपी शूटिंग शॉटगन अकादमी की शानदार सफलता