मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन
भोपाल
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS) के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य तिलहन मिशन का गठन किया गया है।समिति में कृषि उत्पादन आयुक्त , सहकारिता, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण/ फूड प्रोसेंसिंग इंडस्ट्रीज, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, कुलपति, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर/ राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, आयुक्त/ संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, निदेशक भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इन्दौर म.प्र, प्रभारी अधिकारी नाबार्ड, समन्वयक स्टेट लेवल बैंकर समिति, तिलहन क्षेत्र में कार्यरत एफपीओ/ को-ऑपरेटिक्स के दो प्रतिनिधि (प्रत्येक से एक) , बीज एवं खाद्य तेल उत्पादक उद्योग से संबंधित दो प्रतिनिधि(प्रत्येक से एक-एक) , भारत सरकार, कृषि मंत्रालय द्वारा नामित अधिकारी (संयुक्त सचिव स्तर) सदस्य होंगे। किसान कल्याण तथा कृषि विकास (राज्य मिशन संचालक NMEO-OS) को सदस्य-सचिव नामित किया गया हैं।
राज्य तिलहन मिशन की बैठक का आयोजन कृषि उत्पादन आयुक्त, म.प्र. शासन की अध्यक्षता में किया जा सकेगा। मिशन के दायित्व अंर्तगत मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, मिशन में निहित समग्र नीति दिशा-निर्देशों के भीतर राज्य में मिशन कार्यान्वयन की समग्र निगरानी की जायेगी। राज्य को सौंपे गए क्षेत्र, उत्पादन, और उत्पादकता लक्ष्यों और इसकी निगरानी के आधार पर तिलहन की खेती और उत्पादन के लिए राज्य तिलहन कार्य योजना को अंतिम रूप देना , कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार को प्रस्तुत करने से पहले मिशन के लक्ष्यों और उद्देश्यों के अनुरूप संभावित और वार्षिक राज्य कार्य-योजना को अंतिम रूप देना, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को प्रस्तुत नियमित रिपोर्टों के साथ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर नजर रखकर राज्य स्तर पर मिशन की प्रगति की निगरानी की जायेगी।
समिति द्वारा आवश्यक बुनियादी ढांचे (इंफास्ट्रक्चर) और कटाई के बाद प्रसंस्करण सुविधाओं आदि को विकसित करने के लिए राज्य स्तरीय वित्तीय संसाधन आवंटन की देखरेख करना, जिला मिशनों, मूल्य श्रृंखला भागीदारों और तकनीकी सहायता एजेंसियों के कामकाज और प्रगति की निगरानी करना और उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी करना और एस.ओ.पी निर्धारित करना, प्रमुख मिशन के कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने तथा इसे राज्य कृषि नीतियों और विकास योजनाओं के साथ जोडने के लिए संबंधित विभागों (कृषि, सिंचाई वित्त. ग्रामीण विकास आदि) के साथ समन्वय करके अन्य केन्द्रीय और राज्य योजनाओं के साथ अभिसरण सुनिश्चित करने के कार्य किए जाएंगे।

More Stories
गोरखपुर में टाटा की एंट्री,धुरियापार में लगेगा 800 करोड़ का सोलर प्लांट, 300 एकड़ जमीन चिह्नित
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर लिखेंगे सुशासन और आध्यात्मिक पर्यटन की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आउटसोर्स कर्मचारियों को अब सीधे खाते में मिलेगा वेतन, सरकार लागू करेगी नई व्यवस्था