भोपाल
सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शनिवार को भोपाल स्थित मैनिट (मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में जन औषधि दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के महत्व के लिये स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, देशभर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयास तथा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना जैसी पहल ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के माध्यम से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सरकार द्वारा खरीदी गई जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध हैं। इन दवाइयों की कीमतें खुले बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक कम होती हैं, जिससे आम जनता को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है।
मंत्री सारंग ने बताया कि विगत 11 वर्षों में जन औषधि परियोजना के माध्यम से देश की जनता के लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है। यह योजना न केवल लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध करा रही है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना अत्यंत आवश्यक है। जन औषधि परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराकर उनके जीवन को आसान बना रही है।
हर पंचायत में पैक्स के माध्यम से जन औषधि केंद्रों का विस्तार
मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाते हुए जनहित की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में सहकारी समितियों के माध्यम से भी जन औषधि केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। आने वाले समय में प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में पैक्स (प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति) के माध्यम से जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की सुविधा सहज रूप से उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम में वरिष्ठ संयुक्त संचालक एनएचएम डॉ. प्रभाकर तिवारी, अध्यक्ष फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (मध्यप्रदेश) डॉ. संजय जैन, जोनल मैनेजर पीएमबीआई (जनऔषधि विभाग) विवेक शर्मा उपस्थित रहे।

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