नई दिल्ली.
हिंदू पंचांग के अनुसार, चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि यानी 25 मार्च 2024 को सोमवार को लगेगा। यह चंद्र ग्रहण सुबह 10.23 बजे शुरू होगा और दोपहर 3.02 बजे तक रहेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। साथ ही इस चंद्रग्रहण का होली पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह चंद्र ग्रहण उत्तर और पूर्व एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा।
होलिका दहन
होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इसके बाद होली का त्योहार मनाया जाता है। होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन किया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को सुबह 9 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी। यह 25 मार्च को दोपहर 12.29 बजे समाप्त होगी। ऐसे में होलिका दहन 24 मार्च को किया जाएगा।
होलिका दहन पर भद्रा
24 मार्च को होलिका दहन के दिन भद्रा लग रही है। उस दिन भद्रा का प्रारंभ सुबह 09 बजकर 54 मिनट से हो रही है, जो रात 11 बजकर 13 मिनट तक है।
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 24 मार्च को रात 11.13 बजे से रात 12.27 बजे तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि 24 और 25 दोनों दिन रहने वाली है। दरअसल, रंगोत्सव प्रतिपदा तिथि में होता है। होली की तिथि को लेकर शास्त्रों में मत है कि होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया जाता है और अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाता है। इस बार 24 मार्च को सुबह 9 बजकर 56 मिनट पर पूर्णिमा तिथि आरंभ हो रही है और इसका समापन अगले दिन यानी 25 मार्च को प्रदोष काल से पहले ही हो रहा है। ऐसे में शास्त्रों का विधान है कि दोनों दिनों में अगर पूर्णिमा तिथि हो तो पहले दिन अगर प्रदोष काल में पूर्णिमा तिथि लग रही है तो उसी दिन भद्रा रहित काल में होलिका दहन किया जाना चाहिए इसी नियम के अनुसार, इस बार 24 मार्च को होलिका दहन और अगले दिन यानी 25 मार्च को रंगोत्सव का त्योहार मनाया जाएगा।

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