मुंबई
दुनिया की जानी-मानी कोल्ड ड्रिंक कंपनी कोका-कोला ने भारत में एक बड़ा फैसला लिया है. कंपनी साल 2027 में अपनी भारतीय बॉटलिंग इकाई की मुख्य कंपनी 'हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स' (HCCH) का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है. इसका मतलब है कि 2027 में आम लोग भी शेयर बाजार के जरिए इस कंपनी के शेयर खरीद सकेंगे. कंपनी ने बताया कि वह भारत के प्रमुख शेयर बाजारों—बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने के लिए शुरुआती काम शुरू कर चुकी है. हालांकि, यह पूरी योजना बाजार के माहौल और सरकारी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
इस आईपीओ के जरिए कोका-कोला कंपनी भारतीय इकाई में अपनी कुछ हिस्सेदारी आम जनता और निवेशकों को बेचेगी. यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि करीब एक साल पहले ही कोका-कोला ने अपनी इस कंपनी में 40 फीसदी हिस्सेदारी भारत के 'जुबिलेंट भारतीय ग्रुप' को बेची थी. हालांकि, उस समय यह सौदा कितने रुपये में हुआ था, इसकी जानकारी कंपनी ने छिपाई थी।
क्या है कंपनी की योजना?
HCCH भारत में कोका-कोला के बोतलों में ड्रिंक भरने (बॉटलिंग) का काम करने वाली सबसे बड़ी कंपनी 'हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज' (HCCB) की मालिक है. कोका-कोला का यह कदम उसकी दुनिया भर में चल रही 'एसेट-लाइट' रणनीति का हिस्सा है. इस रणनीति के तहत कंपनी फैक्ट्रियां चलाने और भारी मशीनें लगाने जैसे कामों में अपना पैसा और समय कम लगाना चाहती है. कंपनी का मुख्य ध्यान अब केवल अपने ब्रांड को मजबूत बनाने, विज्ञापन करने और कोल्ड ड्रिंक का मुख्य फॉर्मूला (कॉन्संट्रेट) तैयार करने पर रहेगा।
भारत में कोका-कोला का बड़ा कारोबार
पूरी दुनिया में भारत कोका-कोला के लिए पांचवां सबसे बड़ा बाजार है. भारत में कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा है—पहला 'कोका-कोला इंडिया' और दूसरा 'HCCB'. इस बॉटलिंग कंपनी (HCCB) की शुरुआत 14 फरवरी 1997 को हुई थी. आज यह कंपनी पूरे देश में 14 बड़े और आधुनिक प्लांट चलाती है, जहां कोल्ड ड्रिंक को बोतलों में भरा जाता है।
भारतीय बाजारों और घरों में कोका-कोला के प्रोडक्ट्स बहुत पसंद किए जाते हैं. कंपनी भारत में 8 अलग-अलग कैटेगरी में 37 तरह के ड्रिंक्स बनाती और बेचती है. इनमें कोका-कोला के अलावा थम्स अप, स्प्राइट, मिनट मेड, माजा, किनले पानी, लिम्का और फैंटा जैसे मशहूर नाम शामिल हैं. बाजार के जानकारों का मानना है कि जब यह कंपनी शेयर बाजार में आएगी, तो यह भारत का सबसे बड़ा और सफल आईपीओ साबित हो सकता है।

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