भोपाल
भोपाल कला कुंज फाउंडेशन व एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में बैरागढ़ चीचली आंगनबाड़ी केंद्र पर "सेफ ड्रिंकिंग वॉटर" विषय पर अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया गया।
जिसमें कि बच्चों को प्रदूषित जल, स्वच्छ जल व स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता हेतु हमारी भूमिका विषय पर उद्बोधन देते हुए एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय के बालरोग विभाग के विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर डॉ शैलेष जैन ने कहा कि बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य हेतु स्वच्छ जल अत्यावश्यक है क्योंकि प्रदूषित जल से कई सारी घातक बीमारियां हो सकती हैं। साथ ही भोजन से पूर्व अपने हाथों को किस तरह से साबुन से धोना चाहिए इसका प्रदर्शन छोटे-छोटे बच्चों के मध्य किया गया ।
डॉ शैलेष जैन ने स्वच्छ जल के महत्व को बताते हुए कहा कि हमारा शरीर 60% जल से बना है । हमारे शरीर के कुशलता पूर्वक कार्य करने के लिए पानी एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका को पानी की आवश्यकता होती है। यदि स्वच्छ व पर्याप्त पानी का सेवन न किया जाए तो निर्जलित व संक्रमित होने से कई शारीरिक व्याधियो के शिकार हो सकते है।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ सपन जैन व डायरेक्टर डॉ विशाल शिवहरे ने विभाग के द्वारा किए जा रहे सत्कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वच्छ जल के प्रति लोगों को सचेत करना अत्यावश्यक है क्योंकि कई सारी घातक बीमारियां जैसे पीलिया, टाइफाइड आदि का मूल कारण ही अस्वच्छ जल है अतः इस तरह के कार्यक्रम निश्चित रूप से बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उपयोगी साबित होंगे।

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