नई दिल्ली
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन ग्लास्गो में होगा। इसमें भारतीय दल के लिए मेडल जीतने की अनोखी चुनौती होगी। इसकी प्रमुख वजह है कि हॉकी, टेबल टेनिस और बैडमिंटन जैसे खेल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का हिस्सा नहीं होंगे। भारत के इन खेलों में मेडल जीतने की संभावना बेहद मजबूत थी।
बहरहाल, भारतीय दल पर शेष खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव जरूर होगा। 23 जुलाई से शुरू होने वाले सीडब्ल्यूजी में भारत के ऐसे कई एथलीट्स हैं, जिनसे देश को गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद हैं। आज हम उन्हीं पांच भारतीय एथलीट्स पर नजर डालेंगे, जिनका कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना लगभग तय है।
1) मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग)
भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू से गोल्ड मेडल जीतने की पूरी उम्मीद है। चानू के खाते में पहले ही सीडब्ल्यूजी में दो गोल्ड मेडल दर्ज है और इस बार वो महिलाओं की 48 किग्रा वर्ग में ऐतिहासिक हैट्रिक लगाने की कोशिश करेंगी।
चानू ने चोट के बाद दमदार वापसी की और इस समय शानदार फॉर्म में हैं। क्लीन एंड जर्क व स्नैच तकनीक में संयोजन उन्हें अन्य एथलीट्स से अलग बनाता है। मीराबाई चानू से देश को वेटलिफ्टिंग में गोल्ड मेडल जीतने की 100 प्रतिशत उम्मीद है।
2) नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो)
नीरज चोपड़ा तो भारत के पोस्टर ब्वॉय हैं और इनसे गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीदें प्रबल हैं। 2022 बर्मिंघम गेम्स में नीरज चोपड़ा चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सके थे। हालांकि, दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट से ग्लास्गो में गोल्ड की प्रबल उम्मीदें हैं। 2018 में पहली बार नीरज ने सीडब्ल्यूजी मेडल जीता था।
चोपड़ा ने भी चोट के बाद दमदार वापसी की और डायमंड लीग में अपनी लय हासिल करते हुए नजर आए। चोपड़ा को ग्रेनेडा और पाकिस्तान के एथलीट्स से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद हैं। मगर भारतीय फैंस को पूरा भरोसा है कि नीरज चोपड़ा कमाल का प्रदर्शन करते हुए गोल्डन थ्रो लगाएंगे।
3) प्रवीण चितरावल (ट्रिपल जंप)
भारतीय एथलेटिक्स ने फील्ड इवेंट्स में गजब की प्रगति की और ट्रिपल जंपर प्रवीण चितरावल ने गोल्ड की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारी प्रवीण बेहतरीन फिटनेस के साथ ग्लास्गो पहुंचेंगे।
याद दिला दें कि चितरावल ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स में 16.92 मीटर की लीप लेकर गोल्ड मेडल सुरक्षित किया था। इसके अलावा एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में वो सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। प्रवीण चितरावल ने दमदार प्रदर्शन करके देशवासियों को उम्मीद दी है कि गोल्डन जंप लगाएंगे।
4) प्रीति पवार (बॉक्सिंग)
22 साल की प्रीति पवार ने गजब का प्रदर्शन किया और गोल्ड की उम्मीदें जगाई हैं। प्रीति 54 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। उन्होंने हाल ही में एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी उपयोगिता साबित की। पवार ने वर्ल्ड चैंपियंस को मात देकर काफी प्रभावित किया
प्रीति अपने रिफ्लेक्स और तेजतर्रार व मजबूत पंच जमाने के कारण गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शीर्ष वरीय के रूप में उतरकर प्रीति गोल्डन पंच जमाने की कोशिश करेंगी।
5) रोहित यादव (जेवलिन)
नीरज चोपड़ा के लिए सबसे बड़ा खतरा हमवतन रोहित यादव बन सकते हैं। यादव ने अंतर-राज्यीय चैंपियनशिप्स में 87.05 मीटर की दूरी पर भाला फेंका था। इस वजह से वो दुनिया के शीर्ष जेवलिन थ्रोअर्स में शामिल हुए।
अगर रोहित यादव अपने फॉर्म को बरकरार रखने में कामयाब हुए और कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका रिलीज शानदार रहा तो मुमकिन है कि भारत पुरुष जेवलिन स्पर्ध में ऐतिहासिक शीर्ष दो मेडल हासिल करे।

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