लखनऊ
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे की शुरुआत के 13 दिन बाद सोमवार से साधारण सेवा की रोडवेज बसें चलने लगी हैं। यह बसें आलमबाग बस टर्मिनल से रोज सुबह सात बजे और आठ बजे रवाना होगी। चारबाग डिपो के एआरएम बनारसी राम ने बताया कि अभी दो बस सेवाएं चलाई जाएगी। प्रति यात्री 151 रुपये किराया देना होगा। आलमबाग से मोहनलालगंज तक किराया 20 रुपये होगा। इसी प्रकार बनी कट तक 24, उन्नाव कट तक 64 और आजाद मार्ग तक का किराया 73 व कानपुर तक 151 रुपये किराया देना होगा। यात्रियों की मांग पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। लखनऊ के आलमबाग से बस रवाना होकर कानपुर के झकरकटी बस अड्डे तक जाएगी। दोनों के बीच 90 किमी. की दूरी होगी। करीब पौने दो घंटे का सफर होगा।
एक्सप्रेस वे की सड़क उखड़ी
वहीं दूसरी तरफ देश में पहली बार एआई-एमसी तकनीक से बनी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे (एनई-6) के ग्रीन फील्ड के एक हिस्से की सड़क कुरारी के पास दो स्थानों पर उखड़ गई और दोनों तरफ दब गई। वहां बारिश का पानी जमा हो गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से को घेर कर उस हिस्से से वाहनों की आवाजाही रोकी गई। कार्यदायी संस्था ने दो घंटे की मशक्कत के बाद सड़क की मरम्मत की तब वाहनों की आवाजाही शुरू हुई।
एक्सप्रेस वे में 4 फीट की दरार आई
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर कानपुर की तरफ से लखनऊ आते समय कुरारी गांव के पास सड़क का तारकोल दो स्थानों पर उखड़ गया। इससे सड़क में तीन से चार फिट की दरार आ गई। इसके दोनों तरफ कुछ फिट तक सड़क दब भी गई। एक्सप्रेस वे पर कानपुर से लखनऊ का सफर कर रहे एक यात्री ने क्षतिग्रस्त सड़क का वीडियो बना कर एक्स पर डाला। यात्री ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के कारण ही लोकार्पण के महज 13वें दिन ही सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारी मिलते ही एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और मार्कर लगा कर क्षतिग्रस्त हिस्से को घेर दिया। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया।
बारिश का पानी जमा हो गया
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे की सड़क जिस स्थान पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है वहीं दोनों तरफ दबी भी है। वहां पर बारिश का पानी जमा है। इससे लगता है कि यहां पर जल निकासी को लेकर उचित व्यवस्था नहीं हुई है। क्षतिग्रस्त हिस्से को देखने से लगता है कि कोई भारी वाहन वहां से गुजरा है, जिसके भार से सड़क दब गई है। इस दबाव के कारण ही बीच में सड़क उखड़ी।
5 साल में बन कर तैयार हुआ एक्सप्रेस-वे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे लगभग पांच सालों में बन कर तैयार हुआ है। इसकी निर्माण लागत 4200 करोड़ रुपये है। यह प्रदेश का पहला ऐसा एक्सप्रेस वे है जहां बैरियर फ्री टोल है। इस पर छोटे वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 और बड़े वाहनों की 80 किमी प्रति घंटा है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेस वे को भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर आठ लेन का बनाया जा सकता है। इसके लिए मौजूदा एक्सप्रेस वे के दोनों किनारों पर एक-एक लेन के लिए जगह छोड़ी गई है। लखनऊ, उन्नाव और कानपुर जिले से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेस वे का लखनऊ वाला हिस्सा एलिवेटेड है।

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