पाली/ उमरिया
रमा सीमेंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को मरवाटोला-7 कोल माइंस परियोजना के अंतर्गत सतही अधिकार (Surface Right) प्रदान किए जाने के मामले में सोमवार को बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पाली पहुंचे। औढ़ेडा, मालाचुआ सहित प्रभावित गांवों से लगभग 350 किसान नोटिस का जवाब देने और अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एसडीएम न्यायालय पहुंचे।
ग्रामीणों ने एसडीएम न्यायालय में लिखित आपत्तियां प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रस्तावित परियोजना से उनकी कृषि भूमि, आजीविका और भविष्य प्रभावित होगा। किसानों ने मांग की कि बिना उचित मुआवजा, पुनर्वास एवं रोजगार की स्पष्ट नीति के किसी भी प्रकार का सतही अधिकार प्रदान नहीं किया जाए।
आपत्तियों में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रभावित परिवारों को मुआवजे की राशि, भुगतान प्रक्रिया, पुनर्वास योजना तथा रोजगार संबंधी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। साथ ही भूमि के वास्तविक नुकसान का समुचित आकलन, ग्रामसभा की सहमति, वनाधिकार अधिनियम (FRA) एवं पेसा अधिनियम के प्रावधानों के पालन पर भी सवाल उठाए गए हैं।
किसानों ने मांग की कि सभी अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं, प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत मुआवजा और वैधानिक लाभ सुनिश्चित किए जाएं तथा उनकी आपत्तियों पर सुनवाई के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए।
एसडीएम कार्यालय में दिनभर किसानों की भीड़ लगी रही। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आगे बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

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