भोपाल
सवा करोड़ महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ देने की तैयारी के बीच राज्य सरकार प्रदेश के सभी 52 हजार गांवों में महिलाओं की सेना का गठन करा रही है। लाड़ली बहना सेना के नाम से गठित इस सेना को गांव में राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन से जोड़ने की तैयारी है। इस लाड़ली बहना सेना के गठन के बाद 8 लाख से अधिक महिलाओं का रिकार्ड सरकार के पास रहेगा जिनसे मॉनिटरिंग कराने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना सेना से कराए जाने वाले काम को लेकर महिला और बाल विकास के अफसरों के साथ कई दौर की चर्चा की है और अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि ऐसे प्रस्ताव बनाएं जिसमें योजनाओं के क्रियान्वयन में इनकी भूमिका तय की जा सके।
प्रदेश के हर गांव में बनेगी फोर्स, 11 से 21 बहनें होंगी समूह में शामिल
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि लाड़ली बहना सेना का गठन एक माह के भीतर पूरा करें। हर गांव में लाड़ली बहना सेना बन रही है। एक गांव की लाड़ली बहना सेना में 11 और 21 बहनें रहेंगी जो विशेष रूप से महिलाओं और बहनों संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में 52 हजार से अधिक गांव हैं और हर गांव में महिलाओं के नाम तय करने के बाद बनाई जाने वाली लाड़ली बहना सेना का आंकड़ा 8 लाख को पार कर जाएगा। दूसरी ओर जिलों के अफसरों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि इस सेना में किस उम्र वर्ग की महिलाओं को रखा जाना है और इनसे क्या काम लिया जाना है? इसलिए शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
19 लाख महिलाओं का शौर्या दल भी कर रहा है काम
प्रदेश के सभी जिलों में आंगनबाड़ी स्तर पर महिला और बाल विकास विभाग द्वारा शौर्या दलों का गठन पहले से है। इन दलों में 19 लाख महिलाएं जुड़ी हैं जो महिलाओं से संबधित मामलों में काम करती हैं। इसमें 18 से 45 साल तक की महिलाओं को रखा गया है। अब लाड़ली बहना सेना का कांसेप्ट आने के बाद विभाग के अधिकारी इससे संबंधित किए जा सकने वाले कामों पर फाइनल नीति तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि लाडली बहना योजना लागू करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाडली बहना सेना के गठन की घोषणा की थी। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के मामले में जागरुकता को लेकर भी सेना में शामिल बहनों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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