रायपुर
मंगलवार को संपन्न हुई भाजपा कार्यसमिति की बैठक में राज्य में शराब घोटाले का मुद्दा गरमाया रहा और इसी पर कार्यसमिति के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ बचाव संकल्प के साथ मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक शिवरतन शर्मा ने कार्यसमिति की बैठक शुरू होने के साथ ही पटल पर रखा।
कार्यसमिति की बैठक में राज्य में कांग्रेस नीतिहित सरकार के कार्यकाल में शराब घोटाले पर सदस्यों ने एक मत से इसका विरोध करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण से छत्तीसगढ़ शर्मशार हो रहा है। 2 हजार करोड़ रुपये के प्रकाश में आये शराब घोटाले समेत जांच एजेंसी की कारवाईयों से जितने तथ्य सामने आये हैं, उससे छत्तीसगढ़ महतारी के माथे पर कलंक लगा है। शराबबंदी का वादा कर सत्ता में आयी कांग्रेस की इस विश्वासघाती सरकार ने न केवल शराब की घर पहुंच सेवा (होम डिलीवरी) शुरू कर दी, बल्कि शराब वितरण की समानंतर व्यवस्था कर प्रदेश के राजस्व को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया।

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