नई दिल्ली.
नगालैंड में नगा राजनीतिक समूह की ओर से जबरन वसूली के विरोध में शनिवार को बाजार और कार्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गए। इससे यहां के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए पड़ोसी राज्य का रुख अपना रहे हैं। इससे असम में लोगों की होड़ लग गई है।
नगालैंड के कॉमर्शियल कैपिटल दीमापुर में बंदी रही, जिसके बाद कन्फेडरेशन ऑफ नागालैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CNCCI) के आह्वान पर बाकी जिले भी इस अभियान में शामिल हो गए। सीएनसीआई का कहना है कि जबरन वसूली को लेकर व्यापारिक समुदाय का उत्पीड़न अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसने सरकार से समूहों से निरंतर जबरन वसूली, धमकी और समन को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।
पूरे राज्य में बाजार बंद रहे, जिसके कारण नागालैंड के लोग, विशेष रूप से असम के साथ अंतर-राज्यीय सीमा पर रहने वाले लोग आवश्यक वस्तुओं को खरीदने के लिए पड़ोसी राज्य में गए। लोगों की आवाजाही और यातायात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

More Stories
जोरहाट एयरबेस पर IAF विमान हादसे का शिकार, लैंडिंग के बाद विमान में लगी भीषण आग
भारत को मिला नया ‘ब्रह्मास्त्र’! लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में करेगा तबाह, सफल रहा परीक्षण
होर्मुज में बढ़ा तनाव: भारतीय जहाजों पर हमलों के बीच ईरान ने कॉमर्शियल शिप्स की ओर दागे ड्रोन