नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने घरेलू कच्चे तेल पर अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स) में फिर इजाफा किया है। सरकार ने विंडफॉल टैक्स को 6 हजार रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 7 हजार रुपये प्रति टन कर दिया है। नई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर मौजूदा विंडफॉल टैक्स 6 हजार रुपये प्रति टन से बढ़ाकर 7 हजार रुपये प्रति टन कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (ईटीएफ) के निर्यात पर लगने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को शून्य पर स्थिर रखा गया है।
इससे पहले सरकार ने जुलाई महीने की शुरुआत में भी घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को बढ़ाया था। सरकार ने उस समय कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रति टन कर दिया गया था। 15 जून को विंडफॉल टैक्स 3,250 रुपये प्रति टन थी। इस महीने विंडफॉल टैक्स में लगातार दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है।
उल्लेखनीय है कि घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर भारत ने पहली बार जुलाई 2022 में विंडफॉल टैक्स लगाया था। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत के आधार पर इसकी समीक्षा हर पखवाड़े करती है।

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