लखनऊ
उत्तर प्रदेश में जाता हुआ मानसून जमकर बरस रहा है और लोगों को गर्मी से राहत पहुंचा रहा है। कल यानी शुक्रवार को यूपी के कई जिलों में जमकर बरसात हुई। वाराणसी-लखनऊ में तेज हवाओं के साथ रातभर कभी तेज कभी रिमझिम बारिश हुई। बारिश की वजह से इलाकों में जगह-जगह जलभराव हो गया और बारिश में हुए हादसों की वजह से आठ लोगों की मौत हो गई। अवध के जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। सुल्तानपुर में 10 मकान ढहे, सड़के कटी और सीतापुर में 300 से अधिक गाँव में बिजली व्यवस्था ठप हो गई। इसी बीच मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
तराई क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी
बता दें कि मौसम विभाग ने आज यानी शनिवार को प्रदेश में तराई क्षेत्र के महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर व आसपास के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के लगभग 30 जिलों के लिए गरज चमक व तेज हवा के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग के मुताबिक, आज यूपी के तराई, पूर्वी और अवध क्षेत्र के साथ ही बुंदेलखंड के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार नमी युक्त पूर्वा हवाएं भी चलेंगी। पिछले चौबीस घंटे में तेज हवाओं संग हुई भारी बारिश के असर से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
45 जिलों में बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग ने प्रदेश के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 45 जिलों में बिजली गिरने की संभावना जताई है। प्रदेश में अगले 3 दिन तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। शासन ने NDRF, SDRF, अग्निशमन विभाग और आपदा राहत टीमों को अलर्ट किया है। वहीं, शुक्रवार को 58 जिलों में 18.2 मिमी बारिश हुई सबसे ज्यादा 187 मिमी बारिश सुल्तानपुर में हुई, जो नॉर्मल 1.3 से 14,305 फीसदी अधिक है। अयोध्या में 24 घंटे से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। राम की पैड़ी पर सरयू का जलस्तर बढ़ा है। कई मंदिरों में भी पानी घुसा। यूपी में अब मानसून का कोटा 5% कम है।
8 लोगों की हुई मौत
राहत आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार, 24 घंटों में आपदा के चलते 8 लोगों की मौत हुई। इनमें सांप काटने से प्रतापगढ़ में एक और गाजीपुर में दो मौतें हुई। बिजली गिरने से भदोही में दो लोग मरे। दो लोगों की मौत डूबने से और एक की मौत अतिवृष्टि से हुई। अब तक करीब 395058 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ से प्रभावित हुआ है। सीतापुर में 300 से अधिक गाँव में बिजली व्यवस्था ठप हो गई। सुल्तानपुर में 10 मकान ढहे, सड़के कटी। बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव हो गया। जिसकी वजह से लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बारिश की वजह से किसानों के चेहरे खिल गए है और लोगों को गर्मी से भी राहत मिली है।

More Stories
Bhopal Recruitment 2026: गांधी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के 22 पदों पर भर्ती, 25 जून तक करें आवेदन
MP में सरकारी नौकरियों के लिए खत्म हुआ दो बच्चों का नियम, भाजपा सरकार का बड़ा फैसला
BRICS Agriculture Conference: इंदौर की हेरिटेज वॉक पर निकले विदेशी मेहमान, जाना होलकरकालीन इतिहास