भोपाल
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकॉस्ट) ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में इजरायल की उन्नत तकनीकों को समझने और उन्हें अपनाने के उद्देश्य से इजरायली एंबेसी की "वाटर अटैची" सुनोआ को आमंत्रित किया। बैठक में प्रदेश के जल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न शासकीय विभागों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
बैठक में मेपकॉस्ट के जल संसाधन प्रमुख डॉ. कपिल खरे ने परिषद द्वारा रिमोट सेंसिंग और जीआईएस तकनीकों के माध्यम से पिछले तीन वर्षों में पूर्ण किए गए प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की। जल संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन में इजरायल की अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग पर चर्चा हुई।
नर्मदा समग्र और मेपकॉस्ट की संयुक्त पहल से आयोजित बैठक में वाटर सेक्टर पर काम करने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, आईसर भोपाल, केंद्रीय जल आयोग भूजल प्राधिकरण सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।
सुनोआ ने प्रदेश में इजरायली विशेषज्ञों की मदद से जल प्रबंधन की नई तकनीकों को लागू करने और भोपाल में एक विस्तृत कंसल्टेशन कार्यक्रम आयोजित करने की सहमति दी। इस अवसर पर परिाद की गतिविधियों पर संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण तस्नीम हबीब ने किया। कार्यक्रम का समापन परिषद के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रविशंकर भारद्वाज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इजराइल अपने उन्नत तकनीकी विकास और वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। जल प्रबंधन के क्षेत्र में इजराइल ने अद्वितीय तकनीकें विकसित की हैं, जिनका उपयोग आज दुनिया भर के देश कर रहे हैं।

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