चंडीगढ़
भारतीय सेना के एक जवान ने चंडीगढ़ पुलिस के खिलाफ शिकायत को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जवान नायक अरविंदर सिंह ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि नवंबर 2023 में चंडीगढ़ के एक पुलिस स्टेशन में कैमरे के सामने उसके कपड़े उतार दिए गए और पिटाई की गई। उसने कहा कि उसकी पगड़ी भी उतार दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च न्यायालय इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी को करेगा। कोर्ट ने सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन को निर्देश दिया है कि वह घटना की तारीख के समय की सीसीटीवी फुटेज को संभालकर रखे। ये घटना 12 नवंबर, 2023 की बताई जा रही है। इस साल जनवरी में, नायक अरविंदर सिंह के कमांडिंग ऑफिसर, 10 कोर सिग्नल रेजिमेंट के कर्नल मृणाल मेहता ने चंडीगढ़ के डीजीपी को पत्र लिखकर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि वे "घटना से काफी गुस्से में हैं।" उन्होंने 'आवारा' पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि यह घटना भारतीय सेना का अपमान है।
बठिंडा में तैनात नायक अरविंदर सिंह का अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद चल रहा है। उनकी पत्नी चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल हैं। अरविंद की पत्नी उसी थाने में तैनात हैं जिस थाने में उन्होंने अपनी पिटाई का आरोप लगाया है। नाइक सिंह ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि वह पिछले साल 12 नवंबर को चंडीगढ़ के पास मुल्लांपुर में अपनी अलग हुई पत्नी और नवजात बेटे से मिलने आए थे। इसी दौरान उन्हें पहली बार पंजाब पुलिस के मुल्लांपुर पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर परमजीत सिंह ने बुलाया और डराया और धमकाया।
इसके बाद, उन्हें चंडीगढ़ के सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन जाने के लिए कहा गया। वहां उन्हें झूठे एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के मामलों की धमकी देकर खाली कागजात पर हस्ताक्षर करने और दो बयान भी लिखने के लिए कहा गया। अपनी याचिका में सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर मलकीत सिंह और कांस्टेबल सुनील का नाम लेते हुए सेना के जवान ने कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें पीटा, पगड़ी उतार दी। उन्होंने कहा कि उनके सारे कपड़े उतार दिए और वीडियो भी बनाया। उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा कि उन्हें अपनी पत्नी से दूर रहने के लिए कहा गया था।
याचिका में कहा गया है कि घटना को उजागर करने के लिए सैनिक ने 16 नवंबर, 2023 को एसएसपी चंडीगढ़ को शिकायत भी की थी लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। अपनी याचिका में, नायक अरविंद सिंह ने यह भी बताया कि कमांडिंग ऑफिसर की डीजीपी से की गई शिकायत को उसी पुलिस स्टेशन में जांच के लिए भेजा गया था, जहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया था।

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