श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर में शनिवार को भी शीतलहर जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू संभाग के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और केंद्र शासित प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है। मौसम विभाग की तरफ से शनिवार को जारी की गी जानकारी में बताया गया है कि सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू संभाग के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और जम्मू और कश्मीर संभाग के अलग-अलग ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होगी। शनिवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 6.5 डिग्री सेल्सियस और पहलगाम में माइनस 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जम्मू शहर में रात का न्यूनतम तापमान 7.1 डिग्री सेल्सियस, कटरा शहर में 6.1 डिग्री सेल्सियस, बटोत में 4.2, बनिहाल में 1.2 और भद्रवाह में 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। 40 दिनों तक चलने वाली भीषण सर्दी की अवधि जिसे चिल्लई कलां कहा जाता है 21 दिसंबर से शुरू हुई और 30 जनवरी को समाप्त होगी। चिल्लई कलां के खत्म होने के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने लगता है और अप्रैल के आखिर और मई की शुरुआत में मौसम सुहाना हो जाता है जिससे वसंत ऋतु का आगमन होता है और जो कश्मीर में फूलों का मौसम है।
घाटी और जम्मू संभाग के कई इलाकों में ठंड का प्रकोप जारी रहने के कारण लोगों ने खुद को गर्म रखने के लिए तरह-तरह के बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल किया। बिजली से चलने वाले हीटिंग उपकरणों पर निर्भरता कश्मीरियों के लिए निराशाजनक बनी हुई है क्योंकि कई कारणों से बिजली की कमी है।
सर्दियों के महीनों में स्थानीय नदियों में पानी का बहाव सबसे कम हो जाता है। इससे जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत परियोजनाओं की उत्पादन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसी स्थिति में लोग हाड़ कंपा देने वाली ठंड से बचने के लिए ट्वीड के बने परिधान फिरन और विलो विकर की टोकरी में बुने हुए मिट्टी के अग्निपात्र जिसे कांगड़ी कहा जाता है का उपयोग करते हैं।

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