भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन ने एक नया आदेश जारी किया है। इसके अनुसार अब मंदिर-मस्जिद समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर भी 8 घंटे के लिए लाउडस्पीकर बंद रहेगा। इस अविध के दौरान डीजे बजाने पर भी रोक लगा दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
भोपाल में जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक धार्मिक स्थानों सहित सभी जगहों पर लाउडस्पीकर और डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 10वीं और 12वीं की आगामी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक राहत के रूप में आया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि होटल, रेस्तरां और बार के मालिकों को निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर साउंड सिस्टम का उपयोग करने के लिए लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करना होगा। इसमें कहा गया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। यह प्रतिबंध 23 जनवरी से लागू कर दिया गया है।
भोपाल के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ने कहा कि यह आदेश लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण की जांच के संबंध में सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि पूरे भोपाल जिले में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।
डीजे सिस्टम, होटल, रेस्तरां और बार के मालिकों को अब निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ध्वनि सिस्टम का उपयोग करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। आदेश में कहा गया है कि डीजे पर केवल एक साउंड सिस्टम की अनुमति होगी। इसमें कहा गया है कि वायु गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार ध्वनि प्रणालियों को सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही बजाने की अनुमति दी जाएगी।

More Stories
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 90 हजार लाभार्थियों को पहली किस्त का डीबीटी हस्तांतरण
सीएम बोले: राहुल हल्की भाषा बोल रहे, उन्हें वैश्विक हालात समझने चाहिए, कांग्रेस कर रही है षड्यंत्र
भोपाल नगर निगम घोटाला: अपर आयुक्त सेवतकर को हटाया, लोकायुक्त ने की थी FIR, कमिश्नर ने बजट से पहले वित्त विभाग सौंपा