लखनऊ
राजधानी से कानपुर का बस से सफर महंगा हो सकता है। वजह जाजमऊ पुल की मरम्मत के चलते तीन माह तक परिवहन निगम की बसों का रूट बदला रहेगा नए रूट के मुताबिक आलमबाग से रवाना होने वाली रोडवेज बसें उन्नाव के आगे गदन खेड़ा, उन्नाव शहर से लालगंज, फतेहपुर होकर कानपुर पहुंचेंगी।
नए रूट से बसों की दूरी 50 किलोमीटर बढ़ने की संभावना है। रोडवेज प्रशासन बदले रूट का सर्वे कराएगा। इसमें जितने किलोमीटर ज्यादा बस संचालन होगा, उसी आधार पर बस का किराया बढ़ेगा। 50 किलोमीटर की दूरी अधिक होती है तो 60 रुपये किराया ज्यादा पड़ सकता है। फिलहाल अभी किराया ज्यों का त्यों है।
कानपुर के जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत कार्य 13 सितंबर से 13 दिसंबर तक भारी वाहनों के साथ रोडवेज बसों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। रोडवेज बसें बदले रूट से आवागमन करेंगी, इससे बसों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
बदले रूट से दूरी करीब 140 किमी होगी
लखनऊ से कानपुर जाने वाली बसें गदन खेड़ा चौराहा से रायबरेली रोड से बक्सर पुल के रास्ते फतेहपुर होकर कानपुर की ओर जा सकेंगी। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया, आलमबाग से कानपुर जाने वाली बसों के रूट तीन माह तक बदले रहेंगे।
इस दौरान बसों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। डायवर्जन रूट पर जल्द सर्वे कराकर बसों के किराये पर असर पड़ेगा।
लखनऊ और कानपुर बस डिपो की 80 से ज्यादा साधारण और ई बसों का संचालन हो रहा है। इन बसों से रोजाना 15 से 20 हजार यात्री सफर करते हैं।
गंगा पुल की मरम्मत का कार्य तीन माह तक चलेगा। इस दौरान यात्रियों को लंबी दूरी तय करके जेब हल्की करनी पड़ेगी। वर्तमान में लखनऊ से कानपुर की दूरी 90 किलोमीटर है। बदले रूट पर दूरी करीब 140 किमी. होगी।

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