कोलकाता
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में कूचबिहार सहित कई जिलों में हुई छिटपुट हिंसा से सबक लेते हुए अब निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के चुनाव के लिए राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है। दूसरे चरण का चुनाव आगामी 26 अप्रैल को होगा।
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने कहा, "दूसरे चरण के अंतर्गत रायगंज, दार्जीलिंग और बालुरघाट जिलों में चुनाव होगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने इन जिलों में सीएपीएफ की 303 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो और राज्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो।"
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के मकसद से राज्य में सीएपीएफ की 273 कंपनियां पहले से ही है और 30 अन्य कंपनियां रविवार तक राज्य में पहुंच जाएगी। इस तरह राज्य में 303 कंपनियों को तैनात कर दिया जाएगा। 30 अतिरिक्त कंपनियां सिक्किम और मेघालय से आएंगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नाराजगी के बीच राज्य में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त कंपनियों की राज्य में तैनाती की जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को ममता बनर्जी ने सीएपीएफ के संदर्भ में लिखे गए पत्र को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा था।
इससे पहले शुक्रवार को एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल किया था कि आखिर आप राज्य पुलिस को दरकिनार कर कैसे चुनाव संपन्न करा सकते हैं?

More Stories
CBSE 10वीं बोर्ड: LOC जमा करने की प्रक्रिया शुरू, जानें पात्रता और जरूरी नियम
पीएम मोदी से मिले Eknath Shinde, मिडिल ईस्ट युद्ध समेत अहम मुद्दों पर चर्चा
किसानों की आमदनी बढ़ाने पर फोकस, Shivraj Singh Chouhan बोले- यही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता