रायपुर
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षण के मामले पर सीएम हाउस घेरने जा रहे भीम आर्मी के कार्यकतार्ओं को पुलिस ने बूढ़ातालाब धरना स्थल के समीप ही रोक दिया। घेराव कार्यक्रम में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर भी शामिल हुए। बाद में जिला प्रशासन के अफसरों ने उनका ज्ञापन लिया। अनुसूचित जाति के लिए तय आरक्षण की सीमा को लेकर कार्यकर्ता खफा है। हालांकि प्रदेश में आरक्षण का विवाद अभी कोर्ट में है। इसके चलते अनुसूचित जाति के कार्यकतार्ओं ने सीएम हाउस घेराव का फैसला लिया था।
घेराव में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर भी शामिल हुए। धरना स्थल पर अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने कहा कि बिहार के नेता बाबू जगदीप प्रसाद कुशवाहा की भी जयंती है। सौ में से नब्बे शोषित, शोषितों ने ललकारा है। धन, धरती और राजपाठ में 90 फीसदी हिस्सा हमारा है। उन्होंने एक और नारा दिया था। 90 पर 10 शासन नहीं चलेगा। लेकिन बुरा यह है कि उनके जाने के बाद भी आज भी 90 फीसदी लोगों पर भी 10 फीसदी हावी है। उन्होंने कहा कि अधिकार अगर मांगने से मिलते तो हजारों साल से आज इस देश में हमलोग अधिकारों को मांग रहे, चिल्ला रहे, रो रहे अन्याय सह रहे, लेकिन आज तक हमलोगों को अधिकार नहीं मिला। उसका एक मात्र कारण ये है कि जितना मुझे समझ में आया कि अधिकार मांगने से नहीं मिलता, अधिकार छीनने पड़ते है। मांगने पर सिर्फ भीख मिलती है। छीनने के लिए शक्ति की जरूरत पड़ती है। शक्ति संगठन और सत्ता में है। जिनकी सत्ता होती है। उनको किसी के आगे हाथ नहीं फैलाने पड़ते है।
पुलिस ने उन्हें बूढ़ापारा धरना स्थल के पास रोक दिया। विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ता जमीन पर बैठ गए। बाद में अफसरों ने उनसे ज्ञापन लिया। प्रदर्शन में भीम आर्मी के सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

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