नई दिल्ली
पहले के जमाने में जब महिलाओं को पीरियड्स आते थे तो घर में किसी को भी पता नहीं चलता था, लेकिन अब जमाना काफी बदल गया है। अब महिलाएं इसे छुपाने में कोई शर्म नहीं करती। वहीं, हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड वायरल हो रहा है, जिसमें कई महिलाएं चेहरे पर अपना पीरियड ब्लड लगाती हुई दिखाई दे रही है।
दावा किया जा रहा है कि चेहरे पर अपना पीरियड ब्लड लगाने से त्वचा ग्लोइंग, यंग और हेल्दी दिखने लगती है। इसे Menstrual Masking का नाम दिया गया है। वहीं, इसके बारे में ObGyn और फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. मानसी नारलकर ने अपने इंस्टाग्राम पर इस ट्रेंड पर एक विस्तृत वीडियो शेयर किया। डॉ. मानसी नारलकर ने बताया कि ट्रेंड के पीछे जो लॉजिक बताया जा रहा है वह पूरी तरह सही नहीं है। दावा किया जाता है कि पीरियड ब्लड में स्टेम सेल्स और साइटोकाइन्स होते हैं, जो स्किन रिपेयर करने में मदद कर सकते हैं। डॉक्टर मानसी कहती हैं कि ये सिर्फ थ्योरी है, इसे लेकर अभी कोई मजबूत वैज्ञानिक रिसर्च नहीं है। चेहरे की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में अनस्टेराइल चीज़ें लगाने से फंगल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, स्किन एलर्जी, पिंपल्स और रैशेज लंबे समय में स्किन डैमेज हो सकता है। डॉक्टर्स साफ चेतावनी देते हैं कि यह ट्रेंड हानिकारक है।
इसे चेहरे पर लगाने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है
डॉक्टरों के मुताबिक पीरियड ब्लड में एंडोमेट्रियल टिश्यू (गर्भाशय की परत), वेजाइनल डिस्चार्ज, बैक्टीरिया, फंगस और माइक्रो ऑर्गेनिज्म होता है क्योंकि यह खून वेजाइना से होकर बाहर आता है, इसलिए यह स्टेराइल नहीं होता। यही कारण है कि इसे चेहरे पर लगाने से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, बता दें कि पंजाब केसरी इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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