कोलकाता
पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को ईडी के अधिकारी एक साथ कई जगहों पर छापेमारी कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय की ये कार्रवाई पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में हो रही है। ईडी की रेड उत्तर 24 परगना जिले के दम दम में चल रही थी। बता दें कि इससे पहले ईडी ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और शिक्षा विभाग से जुड़े कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया था।
दिसंबर में ईडी ने 9 जगहों पर डाली थी रेड
बता दें कि इससे पहले ईडी की टीम बीते साल दिसंबर महीने में कोलकाता के 9 जगहों पर छापेमारी की थी। ईडी के अधिकारियों ने इस दौरान शहर के व्यस्त इलाके बड़ाबजार, काकुरगाछी और ईएम बाइपास में विभिन्न संदिग्ध लोगों के दफ्तर और आवास पर छापेमारी की थी। ईडी स्कूल सेवा आयोग की ओर से की गई शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितता के आरोपों की जांच कर रही हैं।
15 लाख की रिश्वत लेकर दी गई थी नौकरी
दरअसल, मई 2022 में, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI को 2014 और 2021 के बीच पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गैर-शिक्षण कर्मचारियों (समूह सी और डी) और शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। भर्ती परीक्षा में असफल होने के बाद नौकरी पाने के लिए नियुक्त लोगों ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक की रिश्वत दी थी।
100 करोड़ से अधिक की हुई थी वसूली
सीबीआई के अनुसार, 2014 और 2021 के बीच राज्य भर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों के रूप में नौकरी पाने के लिए नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की थी।

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