नई दिल्ली
नई सरकार के गठन के बाद ही भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि व्यापार समझौते के कानूनी पहलुओं का आकलन किया जा रहा है और भले ही लगभग सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाए, लेकिन नई सरकार बनने तक समझौते का एलान नहीं किया जाएगा।
भारत और ब्रिटेन के बीच लंबित मुद्दों पर आखिरी दौर की बातचीत इसी महीने खत्म हुई है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर वर्चुअल बातचीत चल रही है। विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने के लिए पिछले दो महीनों में तेजी से बातचीत की गई है। एफटीए के माध्यम से भारत कपड़ा, आटोमोबाइल पार्ट्स और समुद्री उत्पादों जैसे क्षेत्रों तक अपनी पहुंच चाहता है। इस समझौते से कुशल पेशेवरों की आसान आवाजाही की सुविधा भी मिलेगी।
भारत और ब्रिटेन ने जनवरी 2022 में एफटीए के लिए बातचीत शुरू की थी और अब तक 14 दौर की वार्ता हो चुकी है। समझौते में शामिल वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले कर से जुड़े मुद्दों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक ने एफटीए को जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए टेलीफोन पर बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की थी। दोनों देश द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर भी बातचीत कर रहे हैं। सरकारी अधिकारी ने कहा, ब्रिटेन द्विपक्षीय निवेश संधि को अंतिम रूप दिए बिना एफटीए पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं है। भारत ने पिछले दो वर्षों में संयुक्त अरब अमीरात, आस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के साथ तीन एफटीए पर हस्ताक्षर किए हैं।

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