हर मां चाहती है कि वो अपने बच्चे के लिए घर पर ही कुछ हेल्दी पकाए। ऐसे में अगर आपको खुद डॉक्टर से कोई रेसिपी मिल जाए तो क्या बात है। जी हां, पीडियाट्रिशियन अंकित गुप्ता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो में बच्चों के लिए बहुत ही हेल्दी रेसिपी शेयर की है। अगर आप भी अपने बच्चे के लिए हेल्दी खाना बनाना चाहती हैं, तो इस रेसिपी को ट्राई जरूर करें।
चूंकि, ये रेसिपी खुद डॉक्टर ने बताई है इसलिए ये बहुत हेल्दी और पौष्टिक होगी और इसे बनाना भी बहुत आसान है। इस रेसिपी में जो भी चीजें डाली गई हैं, वो सभी बहुत पौष्टिक हैं। इस रेसिपी का नाम है ओट्स खिचड़ी। ओट्स बहुत पौष्टिक होते हैं इसलिए आप अपने बच्चे को इसकी खिचड़ी बनाकर खिला सकती हैं।
तो चलिए अब बिना देर किए जानते हैं बच्चों के लिए ओट्स खिचड़ी बनाने का क्या तरीका है।
किस उम्र के बच्चों को खिलाएं
डॉक्टप अर्पित गुप्ता ने जो रेसिपी बताई है वो सात महीने से अधिक उम्र के बच्चों को खिला सकते हैं। यह खिचड़ी ठोस आहार में आती है इसलिए अगर आपके बच्चे ने सॉलिड फूड खाना शुरू कर दिया है, तो आप उसे यह यह खिचड़ी खिला सकती हैं।
क्या-क्या चाहिए
इस रेसिपी को बनाने की सामग्री है घी 1/2 चम्मच, जीरा, हल्दी, हींग, काली मिर्च पाउडर, सब्जियां, अदरक का पेस्ट, 2 बड़े चम्मच मूंगदाल 30 मिनट के लिए भिगो दें, 2 बड़े चम्मच इंस्टेंट/रोल्ड ओट्स और पानी।
आगे जानिए कि इन सभी सामग्रियों से ओट्स खिचड़ी कैसे बना सकते हैं।
ओट्स खिचड़ी बनाने का तरीका
एक सॉस पैन में घी, जीरा, काली मिर्च पाउडर, हींग, अदरक का पेस्ट डालें और भूनें। पसंद की सब्जियां डालें और 2 सेकंड तक भूनें। भीगी हुई मूंगदाल और ओट्स डालें। स्वादानुसार हल्दी, 1+ साल के लिए नमक डालें। पानी डालें और अच्छी तरह पकाएं। घी के साथ गरमागरम परोसें। छोटे बच्चों के लिए मैश कर सकते हैं।
ओट्स खाने के फायदे
Choc.org के अनुसार ओट्स फाइबर से भरपूर होता है जिससे बच्चों में कब्ज की समस्या नहीं होती है। यह बी विटामिन और स्वस्थ वसा से समृद्ध होता है। इसे खाने से एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है। अगर बच्चा कम उम्र से ही हेल्दी फूड खाता है, तो आगे चलकर उसकी सेहत अच्छी बनी रहती है।
भूख शांत करता है
ओट्स खाने से भूख शांत होती है जिससे बच्चों में मोटापे का खतरा कम होता है और उनका वजन संतुलित रहता है। घुलनशील फाइबर होने के कारण यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें एसिटामाइड्स नामक अद्वितीय पॉलीफेनोल्स होते हैं, जिनमें सूजन-रोधी, एंटी-ऑक्सीडेंट और खुजली-विरोधी गुण होते हैं।

More Stories
भयंकर गर्मी और लू से बचाएगा आयुर्वेद का यह प्राकृतिक कूलेंट गुलकंद
सेहत के लिए वरदान नारियल पानी इन 3 बीमारियों में बन सकता है जानलेवा
iPhone 18 Pro और 18 Pro Max आ रहे हैं, पहली बार मिलेंगे ये नए फीचर्स