नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में जैन समुदाय की आबादी महज 0.5 फीसदी है, लेकिन कुल टैक्स कलेक्शन में उनका योगदान 24 फीसदी के बराबर है। उन्होंने यहां तीन दिवसीय कार्यक्रम ‘जीतो (जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन) कनेक्ट 2025’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि जैन समुदाय को दुनिया में एक मेहनती और समृद्ध समाज माना जाता है। उन्होंने कहा कि जैन समुदाय का दर्शन भारतीय संस्कृति में गहराई से रचा-बसा है तथा इसका इतिहास भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में एक अनमोल अध्याय है।
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था में जैन समुदाय का योगदान उल्लेखनीय है। उनकी जनसंख्या 0.5 प्रतिशत है, लेकिन कुल कर संग्रह का लगभग 24 प्रतिशत उनसे आता है।’ उन्होंने कहा कि चाहे औषधि क्षेत्र हो, विमानन हो या शिक्षा क्षेत्र हो, जैन समुदाय सभी में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि खिलौनों से लेकर टैंकों तक भारत सब कुछ बना रहा है और वह दिन दूर नहीं जब भारत दुनिया के कारखाने के रूप में उभरेगा। ‘जीतो कनेक्ट’ दुनिया भर के जैन समुदाय के सदस्यों को एक साथ लाता है ताकि नेटवर्किंग, ज्ञान साझा करने और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
इससे पहले गुरुवार को डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने गुजरात के भुज मिलिट्री स्टेशन में शस्त्र पूजा की थी। उन्होंने कहा था कि अपनी सभ्यता को अजेय और अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शस्त्र के अलावा शास्त्र की भी जरूरत होगी। उन्होंने डिफेंस फोर्सेज की सराहना करते हुए कहा कि उनकी ओर से ऑपरेशन सिंदूर में शानदार काम किया गया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ हमने हमला किया तो वहीं पाकिस्तानी अटैक्स को आसमान में ही रोक लिया गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने लेह से सर क्रीक सेक्टर तक हमले करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय बलों के तत्काल ऐक्शन लेने से मजबूती से काउंटर किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने दुनिया को संदेश दिया है कि कैसे दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

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