अयोध्या
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य आयोजन की साक्षी बनने जा रही है. 25 नवंबर को होने वाले राम मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्था कर रहा है. 5 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में संपन्न होगा.
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. ट्रस्ट की ओर से अब तक 6000 से अधिक लोगों को निमंत्रण पत्र भेजे जा चुके हैं. इन अतिथियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था के लिए शहर में लगभग 5000 से ज्यादा कमरे तैयार किए गए हैं. इनमें से 1600 कमरे राम मंदिर ट्रस्ट ने विशेष रूप से बुक किए हैं, ताकि मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके साथ ही तीर्थ क्षेत्र पुरम में एक भव्य टेंट सिटी बनाई जा रही है, जहां करीब ढाई हजार लोगों के ठहरने की उच्च स्तरीय व्यवस्था होगी.
6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था
कार्यक्रम के दिन 6 अलग-अलग स्थानों पर भोजन व्यवस्था की गई है. हर अतिथि को सुव्यवस्थित ढंग से नाश्ता, भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, अयोध्या में बढ़ती आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात और पार्किंग की विशेष योजना भी तैयार की गई है. शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होगा ताकि कोई जाम या असुविधा न हो.
मंदिर ट्रस्ट ने की अतिथियों से ये अपील
राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी आमंत्रित अतिथियों से आग्रह किया है कि वे 24 नवंबर की शाम तक अयोध्या पहुंच जाएं, जिससे अगले दिन के मुख्य कार्यक्रम में उन्हें कोई दिक्कत न हो. अतिथियों का प्रवेश मंदिर के मुख्य दर्शन मार्ग से कराया जाएगा और उनके बैठने की व्यवस्था मंदिर परिसर के परकोटे के कोर्टयार्ड में की जाएगी. ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम अयोध्या के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. पूरी अयोध्या को इस अवसर पर सजाया-संवारा जा रहा है, और पूरे देश की निगाहें 25 नवंबर के इस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हुई हैं.

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