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MP में 15 अप्रैल से बढ़ेगी भीषण गर्मी, लू का भी अलर्ट; पहले हफ्ते आंधी-बारिश का दौर

भोपाल 

मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत तो बारिश और ओले के साथ हुई है. राज्य में कई जिलों में मंगलवार की रात आंधी-बारिश के साथ हुई थी. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है और तापमान भी गिरा है, लेकिन जल्दी ही मौसम बदलने की संभावना है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 अप्रैल से राज्य में भीषण गर्मी पड़ने वाली है. सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल संभाग तपेगा, जबकि इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग भी गर्मी की चपेट में रहेंगे. फिलहाल 4 अप्रैल तक कई जिलों में बारिश जैसा मौसम बने रहने की संभावना है। 

4 अप्रैल तक रहेगा बारिश का मौसम
अप्रैल माह की शुरुआत हालांकि तेज आंधी और बारिश के साथ हो रही है. मौसम विभाग ने भोपाल में 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम अलर्ट जारी किया है. 29 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। 

ग्वालियर-चंबल सबसे ज्यादा प्रभावित
आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहेगा। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग के शहरों में भी तापमान तेजी से बढ़ेगा। महीने के आखिरी सप्ताह तक कई जिलों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

यहां दिख रहा गर्मी का असर
बदलते मौसम के बीच गर्मी ने भी दस्तक दे दी है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। खजुराहो, दमोह, रतलाम और नौगांव में भी पारा 39 डिग्री के आसपास बना हुआ है। बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

मौसम सिस्टम की वजह से बदलाव
प्रदेश में इस समय चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ सक्रिय हैं, साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर भी देखने को मिलेगा। इसी वजह से शुरुआती दिनों में मौसम बदलेगा, लेकिन सिस्टम हटते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता है और सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रहता है, तब हीट वेव की स्थिति बनती है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के कई हिस्सों में यही हालात बनने की संभावना है।

बार-बार बदलता रहा मौसम
इस साल फरवरी और मार्च में मौसम ने कई बार करवट ली। कई जिलों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के आखिर तक भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी की शुरुआत टल गई थी।
अब अप्रैल में मौसम का यह उतार-चढ़ाव खत्म होकर तेज गर्मी में बदलने वाला है। 

इनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल समेत प्रमुख जिले शामिल हैं.
12 जिलों में ओले गिरने की संभावना है. 41 से ज्यादा जिलों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है. धार जिले के कुक्षी और मनावर क्षेत्र में बुधवार तड़के ओले गिर चुके हैं. कई जिलों में रात के समय अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलीं। 

40 के पार पहुंचेगा पारा
4 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी. 15 अप्रैल के आसपास ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में दिन का तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच सकता है. अन्य संभागों में भी तापमान 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है. यह मौसम परिवर्तन अप्रैल के पहले सप्ताह में बारिश और आंधी के रूप में राहत देगा, लेकिन उसके बाद में लू (Heatwave) और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। 

दिन में गर्मी का असर भी… नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री पार

आंधी, बारिश और ओलों के बीच गर्मी का असर भी दिखा। मंगलवार को नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम-नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री और खरगोन, रायसेन-उमरिया में 38 डिग्री रहा।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल और जबलपुर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर-ग्वालियर में 36.6 डिग्री और उज्जैन में 36 डिग्री रहा।

अप्रैल में तेज गर्मी का ट्रेंड, हीट वेव भी चलेगी

वर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ सक्रिय हैं। 2 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इससे 4 अप्रैल तक कहीं आंधी और कहीं बारिश हो सकती है।

इसके बाद सिस्टम लौटेगा और गर्मी का दौर शुरू होगा। दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ेगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव-खजुराहो में तापमान 44-45 डिग्री तक जा सकता है।

दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी बढ़ोतरी होगी। अप्रैल में दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे भीषण गर्मी पड़ती है।

अलग-अलग इलाकों में हीट वेव का आधार अलग

मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान सामान्य से 5°C ज्यादा होने पर हीट वेव मानी जाती है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए इसका आधार अलग होता है।

    मैदानी इलाका- अधिकतम तापमान 40°C से ऊपर हो। मध्यप्रदेश में ज्यादातर मैदानी इलाका है, इसलिए 40 डिग्री के ऊपर हीट वेव की स्थिति बनती है।
    सीवियर हीट वेव में तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री अधिक रहता है। ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में ऐसी स्थिति बनती है।