कोहिमा
लोकसभा चुनाव के लिए 21 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में शुक्रवार को पहले चरण के लिए मतदान जारी है। हालांकि एक राज्य ऐसा है जहां कम से कम 6 जिलों में जीरो परसेंट के करीब वोटिंग दर्ज की गई है। हम बात कर रहे हैं पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड की। अलग राज्य की मांग को लेकर पूर्वी नागालैंड के सात जनजातीय संगठनों की शीर्ष संस्था ‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन’ (ईएनपीओ) के अनिश्चितकालीन बंद के आह्वान के मद्देनजर लोग शुक्रवार को घरों के भीतर ही रहे और क्षेत्र के छह जिलों में मतदान केंद्र वीरान नजर आए।
सूत्रों ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन जिला प्रशासन और अन्य आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों एवं वाहनों को छोड़कर सड़कों पर किसी भी व्यक्ति या वाहन की कोई आवाजाही नहीं दिखी। नागालैंड के अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आवा लोरिंग ने बताया कि क्षेत्र के छह जिलों के 738 मतदान केंद्रों पर निर्वाचन अधिकारी तैनात हैं। सूत्रों ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे तक कोई मतदान नहीं हुआ। मतदान शाम चार बजे समाप्त हो जाएगा।
इन जिलों में सात नगा जनजातियां – चांग, कोन्याक, संगतम, फोम, यिमखिउंग, खियामनिउंगन और तिखिर रहती हैं। अलग राज्य की उनकी मांग को क्षेत्र से संबंधित सुमी जनजाति के एक वर्ग का भी समर्थन प्राप्त है। ईएनपीओ ने पांच मार्च को ‘‘18 अप्रैल (बृहस्पतिवार) शाम छह बजे से पूरे पूर्वी नगालैंड क्षेत्राधिकार में अनिश्चितकालीन पूर्ण बंद’’ की घोषणा की थी।
संगठन 2010 से एक अलग राज्य की मांग कर रहा है। उसका दावा है कि इन छह जिलों की वर्षों से उपेक्षा की जा रही है। नागालैंड के कुल 13.25 लाख मतदाताओं में से पूर्वी नगालैंड के छह जिलों में 4,00,632 मतदाता हैं। इस बीच, नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) व्यासन आर. ने बंद को चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव डालने के प्रयास के रूप में देखते हुए ईएनपीओ को बृहस्पतिवार रात कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

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