इंदौर
मध्य प्रदेश के इंदौर की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां ‘भाई’, ‘दादा’, ‘प्रेस’, और ‘पुलिस’ लिखे हुए दौड़ती नजर आ रही हैं। जिससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या पुलिस राजनीतिक दबाव या फिर अपने विभागीय लोगों को छूट दे रही है। इन वाहनों पर कार्रवाई नहीं होने से चर्चा का विषय बन गया है।
जहां एक तरफ शहर में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में यातायात सुधार के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों, बुलेट से गोलियों की आवाज निकालने वाली गाड़ियों पर कार्रवाई और तुरंत उनके साइलेंसर निकाल कर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही यातायात के नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ भी सड़कों पर पुलिस कार्रवाई जरूर कर रही है और साथ ही सड़क पर उपद्रव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है।
वहीं दूसरी ओर इन विशेष पहचान वाली गाड़ियों पर पुलिस का ध्यान न देने की चर्चा है। पुलिस का यह रवैया लोगों में सवाल पैदा कर रहा है कि क्या पुलिस राजनीतिक दबाव या अपने विभागीय लोगों को छूट दे रही है। पुलिस द्वारा इन गाड़ियों पर कार्रवाई न करना चर्चा का विषय बन गया है। क्योंकि ये वाहन कई बार शहर के पुराने पुलिस कंट्रोल रूम के अंदर भी खड़ी देखी जाती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह इन बिना नंबर वाली गाड़ियों पर कब सख्त कदम उठाते हैं और क्या शहर की सड़कों पर इन गाड़ियों की दबंगई पर रोक लगाने में कामयाब हो पाएंगे।

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