नई दिल्ली
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। यह इंतजार अभी 18 महीने या उससे ज्यादा दिन रहेगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वेतन आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सैलरी स्ट्रक्चर समेत अन्य सुविधाओं पर मंथन के लिए 18 महीने का वक्त मिला है। इस बीच, कुछ केंद्रीय कर्मचारी ये सवाल भी पूछ रहे हैं कि क्या 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले महंगाई भत्ता (DA) मिलेगा? अगर मिलेगा तो इसका पैटर्न क्या होगा?
क्यों हो रही चर्चा
दरअसल, 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है और जनवरी-जून 2026 का डीए संशोधन 7वें वेतन आयोग के दायरे से बाहर का पहला संशोधन होगा। हालांकि दिसंबर 2025 में संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में सरकार ने साफ कहा कि मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का कहना है कि एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (महंगाई सूचकांक) के आधार पर हर छह महीने में डीए/डीआर में होने वाली बढ़ोतरी महंगाई के असर की भरपाई के लिए पर्याप्त है।
डीए में कितना इजाफे की उम्मीद?
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने नवंबर 2025 के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) 148.2 पर प्रकाशित किया है। यह एक ऐसा डेटा पॉइंट है जो सीधे केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के महंगाई राहत (DR) की गणना में इस्तेमाल होता है। महंगाई सूचकांक का उपयोग वेतन और पेंशन को वास्तविक मूल्य में गिरावट से बचाने के लिए किया जाता है और यह हर छह महीने में DA रिवीजन तय करता है, जिसका अगला रिवीजन 8वें वेतन आयोग के तहत 1 जनवरी, 2026 से होना है।
7वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के तहत स्टैंडर्ड कैलकुलेशन के आधार पर, नवंबर 2025 तक DA पहले ही 59.93% तक पहुंच गया है, जो इसे 60% के निशान से थोड़ा ही कम रखता है। दिसंबर 2025 के इन्फ्लेशन डेटा का इंतजार है, लेकिन सिनेरियो-बेस्ड कैलकुलेशन से पता चलता है कि नतीजा काफी हद तक तय है। अगर दिसंबर इंडेक्स एक सही रेंज में भी ऊपर-नीचे होता है, तो भी कैलकुलेटेड DA 60% से ऊपर ही रहेगा।

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