नई दिल्ली
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने जून 2024 में अपनी ईएसआई स्कीम के तहत 21.67 लाख नए कर्मचारी जोड़े हैं। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत ज्यादा है। लेटेस्ट पेरोल डेटा से यह पता चलता है। गुरुवार को श्रम मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि ईएसआईसी ने जून 2023 में 20.27 लाख नए सदस्य जोड़े थे। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इस महीने के दौरान जोड़े गए कुल 21.67 लाख कर्मचारियों में से 10.58 लाख कर्मचारी, जो कुल रजिस्ट्रेशन का लगभग 49 प्रतिशत है, 25 वर्ष तक की आयु वर्ग के हैं।
कुल 55 ट्रांसजेंडर कर्मचारी रजिस्टर्ड हुए
खबर के मुताबिक, डाटा के मुताबिक, जून 2024 में महिला सदस्यों का शुद्ध नामांकन 4. 32 लाख था। इसके अलावा, जून 2024 में ईएसआई योजना के तहत कुल 55 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को रजिस्टर्ड किया गया। जून 2024 में ईएसआई योजना के सामाजिक सुरक्षा दायरे में 13,483 नए संस्थान लाए गए, जिससे अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई। हालांकि, पेरोल डेटा अनंतिम है क्योंकि डेटा जेनरेशन एक लगातार प्रैक्टिस है।
ईएसआई स्कीम के फायदे
इंश्योर्ड व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों को बीमा योग्य रोजगार में एंट्री करने के दिन से ही पूरी चिकित्सा देखभाल प्रदान की जाती है। बीमाकृत व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य के इलाज पर खर्च की कोई सीमा नहीं है। रिटायर और स्थायी रूप से विकलांग इंश्योर्ड व्यक्तियों और उनके जीवनसाथियों को भी 120/- रुपये के टोकन वार्षिक प्रीमियम के भुगतान पर चिकित्सा देखभाल प्रदान की जाती है।
ईएसआईसी की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, प्रमाणित बीमारी की अवधि के दौरान बीमाकृत श्रमिकों को वेतन के 70 प्रतिशत की दर से नकद मुआवजे के रूप में बीमारी लाभ का भुगतान किया जाता है, जो एक वर्ष में अधिकतम 91 दिनों के लिए होता है। बीमारी लाभ के लिए पात्रता हासिल करने के लिए बीमित व्यक्ति को 6 महीने की अंशदान अवधि में 78 दिनों के लिए अंशदान करना जरूरी है।

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