विशाखापट्टनम
अमेरिका ने 3.99 अरब अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर भारत को 31 एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन की बिक्री को पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि ड्रोन की खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद ने भी मंजूरी दे दी है। अगले कुछ महीनों में इस डील पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। नौसेना प्रमुख ने कहा कि हमें उम्मीद है कि शायद कुछ महीनों में अनुबंध पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।"
चार बिलियन डॉलर का होगा सौदा
जानकारी के मुताबिक, 31 में से 15 सी- गार्जियन ड्रोन नौसेना को मिलेंगे जबकि 8 थल सेना और 8 वायु सेना को दिया जाएगा। यह सौदा लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का होने की उम्मीद है और इसमें ऑपरेशन के लिए आवश्यक हथियार और अन्य उपकरण शामिल होंगे। अमेरिका का कहना है कि एमक्यू9-बी सशस्त्र ड्रोन सौदे से भारत की समुद्री सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र जागरूकता क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
'MILAN24' के लिए तैयार है भारत
एडमिरल हरि कुमार ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि है, जो समुद्र की सुरक्षा के लिए नौसेना के अटूट समर्पण को रेखांकित करता है। बता दें कि विशाखापत्तनम में 'MILAN24' इंडियन नेवी युद्धाभ्यास करने जा रही है। इस युद्धाभ्यास के लिए मंच तैयार हो चुका है जो अब तक का सबसे बड़ा बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास होने वाला है। इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार कहा,"मिलन अभ्यास वास्तव में अब तक का सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास है।"

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