इंदौर.
सशस्त्र बदमाशों ने बुधवार दोपहर यात्रियों से भरी बसों को हाईजैक कर लिया।चालक-हेल्पर और सवारियों को पीटा और बस छीन कर ले गए। बदमाश चार थाना क्षेत्रों में बस घुमाते रहे, लेकिनपुलिस ने ध्यान नहीं दिया। देर शाम सीसीटीवी फुटेज सामने आया तो पुलिस हरकत में आई, लेकिन अफसर घटना को दबाने की कोशिश करते रहे।
पल्याहाना चौराहा पर उनके और साथी मिले और इसके बाद सबने चालक अमित मनोहर कुमावत व हेल्पर इमरान के साथ मारपीट शुरू कर दी। पिपल्याहाना चौराहे पर सवारियों से कहा कि बस से उतर जाओ यह हाईजैक हो गई है। हमको इस बस के चालक से हिसाब करना है। दिनदहाड़े हुई इस घटना का यात्रियों ने विरोध किया तो बदमाश मारपीट करने लगे और सामान भी बाहर फेंक दिया। इसके बाद बदमाशों ने हेल्पर इमरान को बाहर उतार दिया और चालक अमित को धमकाकर बस अपने हिसाब से चलाने लगे। बदमाश बस को कनाड़िया की तरफ घुमाते हुए रोबोट चौराहे पर ले आए। करीब पौन घंटे तक सबने मिलकर आरोपित अमित के साथ मारपीट की और फरार हो गए।
पहली को छोड़ने के बाद दूसरी बस पर भी किया कब्जा
बदमाशों ने एक बस को छोड़ा तो थोड़ी देर बाद इसी ट्रेवल की एक अन्य बस (एमपी 11पी 0870) पर कब्जा कर लिया। यह बस देवास की तरफ से आ रही थी। आरोपितों ने रिंग रोड पर बस को रोककर उस पर कब्जा किया। बस चालक रवि व हेल्पर की पिटाई की और यहां पर भी यात्रियों को उतार दिया। आरोपित बस को कनाड़िया क्षेत्र में लेकर फरार हो गए। बाद में उसे छोड़ दिया।
अवैध वसूली के लिए हुआ विवाद
बस मालिक मोनू रघुवंशी ने बताया कि उसकी बसें धार से देवास और देवास से धार के बीच चलती हैं। बसों से एजेंटी वसूलने के लिए उन्होंने बस को हाईजैक किया था। वे सभी बदमाश यही काम करते हैं। मोनू ने बताया कि बस के ड्राइवर और हेल्पर ने भी बदमाशों को जवाब दिया और हम अब इस मामले में आगे भी कार्रवाई करेंगे।
सवारियों ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की और सामान फेंक दिया। आरोपितों ने हेल्पर इमरान को भी बाहर उतार दिया। चालक अमित को धमका कर कनाड़िया की तरफ घुमाते हुए रोबोट चौराहा पर ले आए।
करीब पौन घंटे बाद आरोपित अमित के साथ मारपीट की और फरार हो गए। थोड़ी देर बाद इसी ट्रेवल की एक अन्य बस(एमपी 11पी 0870) देवास से आती दिखी। आरोपितों ने रिंग रोड पर बस को रोका। बस चालक रवि व हेल्पर की पिटाई कर बस पर कब्जा कर लिया।आरोपित बस को कनाड़िया क्षेत्र में लेकर फरार हो गए।
अवैध वसूली के लिए हुआ बस चालकों से विवाद
बस मालिक मोनू रघुवंशी के मुताबिक उसकी बसें धार से देवास और देवास से धार के बीच चलती है। जिन आरोपितों ने बस हाईजैक की वो सिटी बसों से एजेंटी वसूलते हैं। मंगलवार को सौ रुपये मांगने पर बस चालकों से मारपीट की थी। बस के चालक व हेल्पर ने भी मारपीट कर दी थी।
बुधवार को बदला लेने के लिए करीब 15 आरोपित आटो रिक्शा से आए और बसों पर कब्जा करना शुरु कर दिया।पहली बस को गफलत में पकड़ लिया था। गलती का एहसास हुआ तो आरोपितों ने उसी ट्रेवल्स की दूसरी बस को पकड़ा। आरोपित बस को मानवता नगर में सुनसान जगह पर छोड़ कर भाग गए। वीडियो प्रसारित होने पर पुलिस हरकत में आई और बस को ढूंढने के लिए टीमें बनाई। रात करीब नौ बजे बस मानवता नगर में मिल गई।

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