मुंबई
एयरलाइन स्पाइसजेट फिलहाल वित्तीय संकट से जूझ रही है। जिस कारण कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से सैलरी भी नहीं मिली है। अपने बजट को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने कार्यरत 1,400 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है। बता दें कि वर्तमान में 9,000 कर्मचारी हैं और लगभग 30 विमानों का संचालन हो रहा है, जिनमें से 8 विदेशी वाहकों से वेट-लीज पर लिए गए हैं। साथ ही निवेशकों की रुचि बनाए रखने के लिए अपने स्टॉफ्स को हटाने का निर्णय लिया है।
इस कारण हो रही छंटनी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों की छंटनी इसलिए की जा रही है क्योंकि उनका सैलेरी बिल 60 करोड रुपए हो गया था और वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था। स्पाइसजेट आर्थिक स्थिति से जूझ रहा है, जिस कारण पिछले कई महीनों से वह अपने स्टाफ को वेतन भी टाइम पर नहीं दे पा रहा। कई कर्मचारियों को तो अभी तक जनवरी की भी सैलरी नहीं मिली है। बता दें कि यह निर्णय वित्तीय संकट से निपटने का एक प्रयास है।
साल 2019 में जब स्पाइसजेट अपने चरम पर था तब उसके पास 118 विमान थे। उस समय कंपनी में कुल 16,000 कर्मचारी काम कर रहे थे। यदि मार्केट में हिस्सेदारी की बात की जाए तो अकासा एयर स्पाइसजेट का प्रतिद्वंदी है। जिसके पास कुल 23 विभान और 3,500 कर्मी हैं। इस तुलना के अनुसार, अकासा एयर की घरेलू बाजार में स्पाइसजेट के मुकाबले कम हिस्सेदारी है।

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