बिलासपुर
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि आपराधिक मामले की सुनवाई पर फैसला आने से पहले वाहन को राजसात करने का आदेश सही नहीं है कवर्धा जिले के वाहन मालिक अनिल सेन की पिकअप वैन को सन 2017 में करीब 500 लीटर शराब के साथ जब्त किया गया था। बाद में जब्त वाहन को कलेक्टर ने राजसात करने का आदेश दे दिया। इसे छुड़ाने के लिए मालिक ने कमिश्नर कोर्ट में अपील की जहां उन्हें राहत नहीं मिली। इस पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसकी सुनवाई के बाद फैसला आया है। जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की बेंच ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट के फैसले के बिना ही किसी वाहन को राजसात करने का आदेश देना सही नहीं है। वाहन को राजसात करने संबंधी निर्णय आरोपी के दोषी साबित होने पर निर्भर करता है।

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