रायपुर
रायपुर जिले के धरसींवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलयारी में 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण एवं दुष्कर्म प्रकरण को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान में लिया है। आयोग को इस मामले की जानकारी 04 जून 2026 को सोशल मीडिया एवं समाचार पोर्टल में प्रकाशित खबरों के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसके आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में बालिका द्वारा अपराध से इंकार किए जाने के कारण प्रकरण को खारिज करने की तैयारी की जा रही थी, किंतु बाद में वायरल वीडियो-ऑडियो एवं पुनः जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा विवेचना में कथित लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया। मामला नाबालिग सुरक्षा, पुलिस विवेचना की गुणवत्ता एवं बाल अधिकारों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रायपुर को पीड़ित बालिका का कथन दर्ज कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा बालिका को उसके अभिभावकों सहित 15 जून 2026 को आयोग के समक्ष उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण में पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।

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