भोपाल
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है। इस संकल्प की पूर्ति के लिये रिवेम्प्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम स्कीम (आरडीएसएस) और एसएसटीडी योजना के अंतर्गत 33/11 केव्ही उपकेन्द्र, 33 केव्ही लाईन, 11 केव्ही लाईन के स्वीकृत विस्तार कार्य ग्वालियर एवं चंबल संभाग में समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। आरडीएसएस योजना के कामों का लाभ जनता को मिल सके, इसके लिये रणनीति बनाकर कार्य करें और योजना समय-सीमा में पूरी करें। उन्होंने कहा कि घोषित अवधि में गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। श्री तोमर सोमवार को ट्रिपल आईटीएम के सभागार ग्वालियर में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बिजली अधिकारियों को सचेत किया कि मेंटेनेंस प्रभावी ढंग से किया जाए ताकि ट्रिपिंग कम से कम हो और फॉल्ट की गुंजाइश न रहे। उन्होंने ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन 132 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र की समीक्षा की और आशा व्यक्त की कि इस उपकेन्द्र का काम जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने उद्योगो को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये कहा। प्रधानमंत्री जनजातीय नागरिक महाअभियान (पीएम-जनमन) के प्रथम चरण के काम पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और द्वितीय चरण की प्रगति की समीक्षा की।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को समुचित दण्ड दिया जाए। उन्होंने जनता से संवाद बनाए रखने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में चौपाल लगाने और शहरी क्षेत्र में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की “कुसुम” योजना से कृषि क्षेत्र के पम्प उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने की पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास केन्द्रों के लिये अतिरिक्त गाड़ी एवं कुशल कर्मचारियों की व्यवस्था की जा रही है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ पेईंग कंज्यूमर बढ़ाने तथा सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां (एटीएण्डसी लॉसेस) कम करने पर बल दिया। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर ग्वालियर-चंबल संभाग की विद्युत वितरण व्यवस्था को लेकर 90 दिन की कार्ययोजना, पाँच वर्ष की कार्ययोजना और सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां एवं राजस्व वसूली के प्रयासों की समीक्षा की गई।

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