इंदौर
इंदौर शहर की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे ई-रिक्शा को 23 रूट पर चलाने की योजना छह माह पहले बनी थी, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। अब ई-रिक्शा के संचालन की योजना बनाने की जिम्मेदारी उपसमिति को सौंपी गई है।
संभावना है कि ऑड-ईवन में ई-रिक्शा का संचालन किया जा सकता है। ताकि शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या को कम किया जा सके। शहर में यातायात सुगमता के लिए ई-रिक्शा का संचालन शुरू किया गया था, लेकिन यह अब यातायात में बाधक बन रहे हैं।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बनाई गई उपसमिति
मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा के कारण जाम की स्थित निर्मित हो जाती है। चौराहों पर एक से अधिक ई-रिक्शा खड़े रहने से पीछे वाहनों की कतार लग जाती है। ऐसे में ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन के लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में एक उपसमिति बनाई गई है।
यह समिति एक सप्ताह में ई-रिक्शा के संचालन को लेकर योजना प्रस्तुत करेगी, ताकि शहर में यातायात के दबाव को कम किया जा सके। सूत्रों का कहना है कि उपसमिति ऑड-ईवन व्यवस्था की सिफारिश भी कर सकती है। इस व्यवस्था से शहर की सड़कों पर एक दिन आधे ही वाहन चलेंगे। ई-रिक्शा चालकों को भी इससे फायदा होगा और उन्हें अधिक सवारी मिल सकेगी।
परिवहन और यातायात विभाग ने मुख्य मार्गों से कॉलोनियों तक बनाए थे रूट
ई-रिक्शा के लिए परिवहन और यातायात विभाग द्वारा रूट व्यवस्था की योजना बनाई गई थी। इसमें मुख्य मार्गों से अंदर कॉलोनियों तक ई-रिक्शा का संचालन किया जाना था।
रूट में सभी मुख्य मार्गों से आसपास की कॉलोनियों को कवर किया गया था। इसकी वजह यह थी कि मुख्य मार्गों से ई-रिक्शा के दबाव को कम किया जा सके। इस प्रस्ताव पर अब तक अमल नहीं हो सका है।

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